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मप्र स्थापना दिवस : राजधानी में सजेगा लोकनृत्य, जनजातीय कला और संगीत का महाकुंभ, मोनाली-मामे खान करेंगे मंत्रमुग्ध

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 30, 2026
08:32 AM
राजधानी में सजेगा लोकनृत्य, जनजातीय कला और संगीत का महाकुंभ, मोनाली-मामे खान करेंगे मंत्रमुग्ध

भोपाल। मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल में तीन दिवसीय भव्य राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा। 1 से 3 नवंबर तक लाल परेड मैदान में होने वाले इस आयोजन में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला, जनजातीय परंपराओं और विकास की उपलब्धियों की आकर्षक झलक देखने को मिलेगी। राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने पत्रकार वार्ता में समारोह की तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री करेंगे राज्योत्सव का शुभारंभ

राज्य मंत्री लोधी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 नवंबर को शाम 6ः30 बजे राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे। इस वर्ष समारोह की मुख्य विषयवस्तु विरासत से विकासरखी गई है। शुभारंभ अवसर पर 71 बच्चे सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत वंदे मातरम का गायन करेंगे। मध्यप्रदेश पुलिस बैंड की राष्ट्रगान प्रस्तुति और भव्य आतिशबाजी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।

400 कलाकार निकालेंगे सांस्कृतिक गौरव यात्रा

समारोह से पहले 30 और 31 अक्टूबर को भोपाल के प्रमुख मार्गों पर 400 से अधिक कलाकार सांस्कृतिक गौरव यात्राएं निकालेंगे। राज्योत्सव में मध्यप्रदेश के साथ अन्य राज्यों के लोक एवं जनजातीय कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। तीनों दिन पारंपरिक लोकनृत्य, जनजातीय नृत्य और वाद्ययंत्रों की मधुर धुनें सुनाई देंगी। दूसरे दिन अहिराई, करमा, सैला, भगोरिया, मटकी और बधाई जैसे पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण रहेंगी।

मेधावी विद्यार्थियों और क्विज विजेताओं को मिलेगा सम्मान

राज्योत्सव के दौरान 102 मेधावी विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति के तहत एक-एक लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। वहीं, किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व प्रश्नोत्तरी के 165 विजेताओं को ट्रैक्टर, बुलेट और ई-स्कूटर देकर सम्मानित किया जाएगा।

प्रदर्शनियों में दिखेगी प्रदेश की गौरवशाली विरासत

समारोह में कृषि, उद्योग, संस्कृति और जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। श्राजा भोज का भोपालश् प्रदर्शनी में शहर की ऐतिहासिक विरासत पर आधारित 160 चित्र प्रदर्शित होंगे। किसान बाजार और महिला उद्यमिता मंडप में स्थानीय उत्पादों एवं हस्तशिल्प की बिक्री होगी। वहीं, श्स्वाद-देशज व्यंजन मेलाश् में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद मिलेगा।

आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क

राज्य मंत्री ने बताया कि तीनों दिन आम नागरिकों के लिए राज्योत्सव में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। आयोजन के माध्यम से प्रदेश की सात दशक से अधिक की विकास यात्रा, सांस्कृतिक पहचान और उपलब्धियों को जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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