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निमाड़ की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचानः : बड़वानी में खाटू श्याम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का महायज्ञ संपन्न, सीएम बोले- हारे का सहारा हैं बाबा खाटू श्याम

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 02, 2026
06:15 AM
बड़वानी में खाटू श्याम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का महायज्ञ संपन्न, सीएम बोले- हारे का सहारा हैं बाबा खाटू श्याम

बड़वानी। निमाड़ अंचल की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देते हुए बड़वानी जिले के तलून में नवनिर्मित खाटू श्याम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा और 21 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन भक्ति और आस्था के माहौल में संपन्न हुआ। इस भव्य धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव भी अनुष्ठान में वर्चुअली जुड़े। उन्होंने अपने संबोधन में सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं होता, बल्कि वह समाज को जोड़ने और संस्कारों को सहेजने का केंद्र भी होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा श्री खाटू श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों के दुखों को दूर करने वाले देवता माने जाते हैं। उन्होंने बताया कि बाबा खाटू श्याम को महाभारत के वीर योद्धा बर्बरीक का स्वरूप माना जाता है, जिन्होंने धर्म और लोककल्याण के लिए अपना शीश भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित कर दिया था। उनका त्याग भारतीय संस्कृति में समर्पण, वीरता और विनम्रता का सर्वोच्च उदाहरण है।

संत परंपरा समाज को देती है सही दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि निमाड़ की धरती संतों, लोक संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से समृद्ध रही है। संतों के मार्गदर्शन से समाज में सद्भाव, सेवा और संयम की भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि जब धर्म और सेवा साथ चलते हैं, तभी समाज का वास्तविक विकास संभव होता है और यही भारतीय संस्कृति का मूल संदेश भी है।

धार्मिक पर्यटन से मजबूत होगी स्थानीय अर्थव्यवस्था

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार प्राचीन धार्मिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि तलून का खाटू श्याम मंदिर न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती देगा।

नर्मदा परिक्रमा से जन्मा मंदिर निर्माण का संकल्प

मुख्यमंत्री ने बताया कि मां नर्मदा की परिक्रमा के बाद महंत श्री शशि गिरि जी महाराज के मन में खाटू श्याम मंदिर निर्माण का विचार आया। स्थानीय श्रद्धालुओं और समाज के सहयोग से यह सपना साकार हुआ। उन्होंने इसे जनसहयोग और आस्था की शक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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