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लखीमपुर खीरी हिंसा : मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत की शर्तों में ढील देने की लगाई थी गुहार

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 06, 2026
08:08 AM
मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत की शर्तों में ढील देने की लगाई थी गुहार

नई दिल्ली। वर्ष 2021 के चर्चित लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने जमानत की शर्तों पर ढील देने की मांग की थी। सीजेआई सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने दो टूक शब्दों में कहा कि फिलहाल राहत देने का कोई आधार नहीं बनता और आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता। बता कि यह हिंसा 3 अक्टूबर 2021 को तिकुनिया गांव में हुई थी, जिसमें जिसमें चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने नहीं मानी दलील

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि इस समय जमानत की शर्तों में और राहत देने का कोई औचित्य नहीं है। अदालत ने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए आवेदन को खारिज कर दिया। इसके साथ ही आशीष मिश्रा को पूर्व में निर्धारित जमानत शर्तों का पालन जारी रखना होगा।

परिवारिक कार्यक्रमों का दिया था हवाला

वहीं सुनवाई के दौरान आशीष मिश्रा की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि मौजूदा जमानत शर्तों के कारण वह अपने परिवार के महत्वपूर्ण आयोजनों में भी शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने दलील दी कि मिश्रा अपनी बेटियों के जन्मदिन जैसे पारिवारिक कार्यक्रमों से भी दूर रहने को मजबूर हैं। इसी आधार पर जमानत की शर्तों में और ढील देने का अनुरोध किया गया था।

क्या है लखीमपुर खीरी हिंसा मामला?

यह मामला 3 अक्टूबर 2021 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के टिकुनिया गांव में हुई हिंसा से जुड़ा है। उस दिन किसान तत्कालीन उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे का विरोध कर रहे थे। इसी दौरान हिंसा भड़क गई, जिसने पूरे देश में राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दिया।

आठ लोगों की गई थी जान

अभियोजन के अनुसार, घटना के दौरान एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) ने चार किसानों को कुचल दिया था। इसके बाद भड़की हिंसा में वाहन चालक, भारतीय जनता पार्टी के दो कार्यकर्ताओं और एक पत्रकार सहित कुल आठ लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में आशीष मिश्रा प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं और उनके खिलाफ मुकदमा विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद उन्हें जमानत की मौजूदा शर्तों के तहत ही रहना होगा।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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