गुरुवार, 6 अगस्त 202610:39:43 PM
Download App
Home/देश

उम्रकैद काट रहे आसाराम को बड़ा झटका, : अंरिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट का नहीं मिला साथ, खराब सेहत की दलील नहीं आई काम

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 06, 2026
10:07 AM
अंरिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट का नहीं मिला साथ, खराब सेहत की दलील नहीं आई काम

नई दिल्ली। जोधपुर में नाबालिग से रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम बापू को राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने आशाराम बापू की उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने खराब स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग की थी। हालांकि कोर्ट ने याचिका को लंबित रखते हुए कहा कि यदि भविष्य में स्वास्थ्य की स्थिति गंभीर होती है तो वह दोबारा अंतरिम जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मौजूदा मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर अंतरिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने कहा कि याचिका रिकॉर्ड पर बनी रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में इस पर फिर से सुनवाई की जा सकती है।

सरकार ने कोर्ट में उठाया अहम सवाल

राजस्थान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि आसाराम ने राजस्थान हाईकोर्ट में 20 दिन की पैरोल की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में इस तथ्य का उल्लेख नहीं किया। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल आसाराम को हाईकोर्ट से 20 दिन की पैरोल मिल चुकी है। सरकार ने इस तथ्य को अदालत के सामने रखते हुए अंतरिम जमानत की मांग का विरोध किया।

एम्स की रिपोर्ट बनी अहम आधार

इस मामले की पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट तलब की थी। एम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आसाराम की तबीयत पर लगातार निगरानी रखने की जरूरत है, लेकिन फिलहाल उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है। रिपोर्ट में 24 घंटे चिकित्सकीय निगरानी की सलाह जरूर दी गई, लेकिन किसी आपात स्थिति का उल्लेख नहीं किया गया।

पहले भी मांगी गई थी मेडिकल रिपोर्ट

इससे पहले 21 जुलाई की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से ताजा मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। अदालत ने संकेत दिए थे कि यदि रिपोर्ट में स्वास्थ्य अत्यंत गंभीर पाया जाता है तो केवल इलाज के उद्देश्य से सीमित अवधि की अंतरिम जमानत पर विचार किया जा सकता है।

17 जुलाई की सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अस्थायी राहत मांगी गई थी। उस समय राज्य सरकार ने अदालत को बताया था कि कुछ महीने पहले आसाराम अयोध्या और काशी विश्वनाथ की यात्रा कर चुके हैं तथा पैदल चलकर दर्शन भी किए थे। सरकार का कहना था कि उपलब्ध तथ्यों के अनुसार उनकी हालत इतनी गंभीर नहीं है कि अंतरिम जमानत दी जाए। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी तरह की राहत देने से इनकार करते हुए भविष्य में स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति में दोबारा आवेदन करने का रास्ता खुला रखा है।

प्रफुल्ल तिवारी
Written By

प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें