अनंत सिंह को एक दिसंबर तक करना होगा सरेंडर : बिहार के चर्चित हत्याकांड में मोकामा विधायक को लगा बड़ा झटका, हाईकोर्ट से मिली जमानत रद्द

नई दिल्ली। बिहार के चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में मोकामा विधायक अनंत सिंह को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पटना हाईकोर्ट को निरस्त करते हुए उन्हें एक दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत बढ़ाने से इनकार करते हुए सरेंडर करने का आदेश दिया है। यह फैसला दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में उनके पोते नीरज कुमार की ओर से दायर अपील पर सुनवाई के दौरान आया। इस आदेश के बाद को मिली जमानत समाप्त हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को मामले की जांच भी चार महीने के भीतर पूरी करने का आदेश दिया है। खास बात यह है कि आज ही दुलारचंद यादव की हत्या को एक साल पूरा हुआ।
हाईकोर्ट के जमानत आदेश को दी गई थी चुनौती
दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह मुख्य आरोपी हैं। 30 अक्टूबर 2025 को हुई इस हत्या के मामले में पटना हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी। हालांकि, इस फैसले से असंतुष्ट दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और हाईकोर्ट के जमानत आदेश को चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से मिली जमानत रद्द करने का फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करना होगा। इस आदेश के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बिहार सरकार ने बताया- अनंत सिंह पर 62 से अधिक मामले दर्ज
सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास की जानकारी दी। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि अनंत सिंह के खिलाफ हत्या, अपहरण और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में 62 से अधिक मामले दर्ज हैं।
चार महीने में जांच पूरी करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पुलिस को जांच चार महीने के भीतर पूरी करने का आदेश भी दिया है। अदालत ने अनंत सिंह को एक दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
जेडीयी ने पहले ही पार्टी से किया था निष्कासित
हत्याकांड को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी अनंत सिंह को झटका लग चुका है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी पर भी पार्टी ने कार्रवाई करते हुए छह साल के लिए निष्कासित किया था। इसके अलावा अधिकारियों की ओर से नीलम देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस भी जारी किया गया है।
प्रफुल्ल तिवारी
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