फीफा विश्व कप में ब्राजील का सफर खत्म : नेमार ने फुटबाल को कहा अलविदा, आंसुओं के साथ खत्म हुआ सुनहरा सफर, रिकार्डों से सजा रहा करियर

नई दिल्ली। फीफा विश्व कप 2026 में ब्राजील का छठी बार विश्व चैंपियन बनने का सपना टूट गया है। नॉर्वे ने रोमांचक मुकाबले में ब्राजील को 2-1 से हराकर मुकाबले से बाहर कर दिया। नार्वे से मिली शिकस्त के कुछ देर बाद ही दुनिया के दिग्गज फुटबाल सितारों में शामिल नेमार ने इंटरनेशन फुटबाॅल से संन्यास का ऐलान कर दिया। मैच के बाद भावुक नेमार ने अपने फैसले की घोषणा करते हुए कहा, मैंने सब कुछ झोंक दिया, लेकिन अब उनके इंटरनेशन का करियर का सुनहरा सफर यही समाप्त होता है। इस दौरान वह भावुक भी नजर आए, नेमार की आंखों से आंसू बह रहे थे।
भावुक शब्दों में कहा- यहीं से शुरुआत, यहीं अंत
34 वर्षीय नेमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भी अमेरिका की धरती से की थी और अब उसी धरती पर अपने अंतरराष्ट्रीय सफर का अंत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्राजील की जर्सी पहनकर खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और इस सफर की हर याद हमेशा उनके दिल के करीब रहेगी। उनके बयान के दौरान स्टेडियम का माहौल भी भावुक हो गया।
आखिरी मैच में भी दिखाई अपनी चमक
नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले में नेमार शुरुआती एकादश का हिस्सा नहीं थे और उन्हें दूसरे हाफ में मैदान पर उतारा गया। इंजरी टाइम में उन्होंने ब्राजील के लिए एकमात्र गोल कर टीम की उम्मीद जगाने की कोशिश की, लेकिन वह हार टालने के लिए पर्याप्त नहीं रहा। यही गोल उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी गोल भी बन गया। मैच समाप्त होने के बाद नेमार की आंखों में आंसू साफ दिखाई दिए।
रिकॉर्डों से सजा रहा शानदार करियर
नेमार ने वर्ष 2010 में ब्राजील के लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में पदार्पण किया था। उन्होंने अपने करियर में 130 मैच खेलते हुए 80 गोल और 59 असिस्ट दर्ज किए। ब्राजील के लिए सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। उनकी तेज रफ्तार, बेहतरीन ड्रिब्लिंग और निर्णायक मौकों पर शानदार प्रदर्शन ने उन्हें दुनिया के महान खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया।
ब्राजील को दिलाई कई ऐतिहासिक सफलताएं
नेमार ने 2012 ओलंपिक में ब्राजील को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई, जबकि 2016 के रियो ओलंपिक में टीम को स्वर्ण पदक तक पहुंचाया। इसके अलावा 2013 फीफा कन्फेडरेशन कप जीत में भी उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। हालांकि विश्व कप 2026 से पहले उनकी फिटनेस को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे और टूर्नामेंट के दौरान भी वह पूरी तरह लय में नजर नहीं आए।
एक युग का हुआ अंत
ब्राजील की हार के साथ करोड़ों प्रशंसकों का सपना भी टूट गया। नॉर्वे के लिए एर्लिंग हालैंड ने दो गोल कर अपनी टीम को क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया, जबकि नेमार का आखिरी गोल केवल हार का अंतर कम कर सका। नेमार के संन्यास के साथ ब्राजील फुटबॉल का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त हो गया। मैदान पर उनके जादुई खेल, मुस्कान और देश के प्रति समर्पण को फुटबॉल प्रेमी लंबे समय तक याद रखेंगे।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
