बदलेगी राजधानी की तस्वीर : सीएम मोहन ने सतगढ़ी में रखी मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की आधारशिला, 35 एकड़ में आकार लेगा प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को कोलार क्षेत्र के सतगढ़ी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक औद्योगिक पार्क नहीं, बल्कि प्रदेश के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और निवेश को नई गति देने वाला केंद्र बनेगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस औद्योगिक क्षेत्र को देश के पहले उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा और यहां 15 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
औद्योगिक विकास के साथ किसानों को भी मिलेगा लाभ
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के विस्तार को किसानों की समृद्धि से जोड़ रही है। गारमेंट सहित विभिन्न उद्योगों के विकास से कपास उत्पादक किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा। सरकार खेत, कारखाने और बाजार के बीच मजबूत कड़ी तैयार कर रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार और किसानों के लिए आय बढ़ाने का माध्यम बनेंगे।

सतगढ़ी में बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर
सतगढ़ी स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र में 25 एकड़ भूमि पर 10 हजार लोगों की क्षमता वाला आधुनिक कन्वेंशन सेंटर भी बनाया जाएगा। यह मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र राजाभोज विमानतल से लगभग 25 किलोमीटर और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास भी इसी क्षेत्र से गुजरेगा, जिससे उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। निजी क्षेत्र से भी निवेश की शुरुआत हो चुकी है और सागर समूह ने यहां 100 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की है।
निवेश से बदल रही प्रदेश की तस्वीर
सीएम ने कहा कि प्रदेश में आयोजित वैश्विक निवेश सम्मेलन-2025 के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव तेजी से धरातल पर उतर रहे हैं। सम्मेलन में मिले 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि हाल ही में शिवपुरी में रक्षा क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक इकाई और गुना में सीमेंट संयंत्र की आधारशिला रखी गई है। वहीं मुरैना में सौर ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी शुरू हो रही हैं। इन निवेशों से प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से मध्यप्रदेश को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है। प्रदेश में बेहतर अधोसंरचना, पारदर्शी नीतियों और उद्योगों के अनुकूल माहौल के कारण निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। बिजली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं में तेजी से सुधार किया जा रहा है, जिससे नए उद्योगों की स्थापना आसान हो रही है।
कल्याणकारी योजनाओं और विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के दौरान अब तक 86 हजार करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार आधारित उद्योगों में कार्य करने वाली लाड़ली बहनों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने की योजना भी लागू की जाएगी। इसके साथ ही सरकार यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर के पुनर्विकास की दिशा में भी काम कर रही है। वहां गैस त्रासदी की स्मृति में स्मारक और आधुनिक अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल अब केवल झीलों का शहर नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार का नया केंद्र बनकर उभर रहा है, जो प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई दिशा देगा।
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