टी-20 सीरीज : ट्रेंट ब्रिज में पलटवार के इरादे से मैदान में उतरेगी टीम इंडिया, प्लेइंग इलेवन में बदलाव के संकेत, खतरे में विश्नोई

नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में पिछड़ने के बाद भारतीय टीम अब ट्रेंट ब्रिज में होने वाले तीसरे मुकाबले के लिए नई रणनीति के साथ उतरने की तैयारी में है। पहले मैच के बारिश में धुलने और दूसरे टी20 में हार के बाद यह मुकाबला भारत के लिए बेहद अहम हो गया है। टीम प्रबंधन परिस्थितियों को देखते हुए प्लेइंग इलेवन में बदलाव कर अतिरिक्त तेज गेंदबाज को मौका देने पर विचार कर रहा है। ऐसे में लेग स्पिनर रवि बिश्नोई की जगह खतरे में मानी जा रही है।
बिश्नोई का प्रदर्शन बना चिंता की वजह
मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 में रवि बिश्नोई का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। उन्होंने चार ओवर में 60 रन खर्च किए और एक भी विकेट नहीं लिया। इसके अलावा तीन बैक-फुट नो-बॉल और एक महंगे ओवर ने भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। टीम प्रबंधन का मानना है कि ट्रेंट ब्रिज की पिच तेज गेंदबाजों के लिए अधिक मददगार हो सकती है, इसलिए अतिरिक्त पेसर के साथ उतरना बेहतर विकल्प रहेगा।
प्रिंस यादव को मिल सकता है मौका
यदि भारत तीन तेज गेंदबाजों के साथ मैदान में उतरता है तो युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को पदार्पण या वापसी का मौका मिल सकता है। नई गेंद से स्विंग कराने और अतिरिक्त उछाल हासिल करने की उनकी क्षमता इंग्लैंड की परिस्थितियों में टीम के लिए उपयोगी मानी जा रही है। हालांकि अर्शदीप सिंह ने पिछले मैच में तीन विकेट लिए थे, लेकिन इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने उनके एक ओवर में 27 रन बनाकर मुकाबले का रुख बदल दिया था।
बल्लेबाजी में भी सुधार की जरूरत
भारतीय बल्लेबाजी भी अब तक पूरी तरह लय में नहीं दिखी है। कप्तान श्रेयस अय्यर और ईशान किशन ने उपयोगी पारियां खेलीं, लेकिन बीच के ओवरों में रन गति बनाए रखने में टीम को परेशानी हुई। इंग्लैंड के स्पिनरों और धीमी गेंदबाजी के खिलाफ भारतीय बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके। पिछले मुकाबले में भारत ने 190 रन जरूर बनाए, लेकिन यह स्कोर इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी के सामने पर्याप्त साबित नहीं हुआ।
अभिषेक और वैभव से तेज शुरुआत की उम्मीद
ट्रेंट ब्रिज की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर एक बार फिर सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और युवा वैभव सूर्यवंशी पर निगाहें रहेंगी। अभिषेक ने पिछले मैच में तेज शुरुआत करते हुए 24 गेंदों में 43 रन बनाए थे, जबकि वैभव अब डेब्यू के दबाव से बाहर निकलकर अधिक आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करना चाहेंगे। यदि दोनों बल्लेबाज पावरप्ले का पूरा फायदा उठाते हैं तो भारत बड़ा स्कोर खड़ा कर सकता है।
पुरानी हार भुलाकर बराबरी पर नजर
भारतीय स्पिन आक्रमण के प्रमुख गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती भी हालिया मुकाबलों में अपनी पुरानी धार नहीं दिखा पाए हैं। ऐसे में गेंदबाजी इकाई पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। ट्रेंट ब्रिज भारत के लिए मिश्रित यादों वाला मैदान रहा है। वर्ष 2022 में सूर्यकुमार यादव के शानदार शतक के बावजूद टीम को यहां हार का सामना करना पड़ा था। इस बार भारतीय टीम उस नतीजे को पीछे छोड़ते हुए सीरीज में बराबरी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में टीम का लक्ष्य सिर्फ जीत दर्ज करना ही नहीं, बल्कि शेष मुकाबलों के लिए भी मजबूत लय हासिल करना होगा।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
