जलालाबाद अब जाना जाएगा परशुरामपुरी के नाम से : यूपी कैबिनेट का अहम फैसला, 28 और अहम प्रस्तावों पर भी लगी मुहर

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लखनऊ। शाहजहांपुर का जलालाबाद अब परशुरामपुरी के नाम से जाना जाएगा। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस अहम प्रस्ताव पर मुहर लगी। केंद्र सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने इसका नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति दे दी है। कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि शाहजहांपुर का जलालाबाद भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है।
कैबिनेट की बैठक में 28 और प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। जिनमें नई स्टार्टअप नीति लागू करने, होमगार्डों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और पशुधन बीमा योजना सहित कई महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं। प्रदेश में नवाचार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन को मंजूरी दी गई। सरकार एक हजार करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड स्थापित करेगी। इसके साथ ही स्टार्टअप्स को प्रोटोटाइप, सीड कैपिटल और इनक्यूबेटर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने डेटा सेंटर नीति को भी दोबारा लागू करने का फैसला किया है, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
होमगार्डों को कैशलेस इलाज, पशुपालकों को बीमा सुरक्षा
कैबिनेट ने प्रदेश के लगभग 1.60 लाख होमगार्डों और उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने का निर्णय लिया। वहीं मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना के तहत पशुओं का बीमा कराया जाएगा। बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत सरकार और 15 प्रतिशत पशुपालक वहन करेंगे। प्राकृतिक आपदा, बीमारी या दुर्घटना से पशु की मृत्यु होने पर बीमा राशि का लाभ मिलेगा।
शिक्षा और खिलाड़ियों के लिए भी अहम फैसले
बैठक में वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज तथा गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के ईएसआईसी अस्पतालों की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। मेडिकल कॉलेज की आधी सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की समूह श्खश् और श्गश् के पदों पर सीधी भर्ती के नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा बिल्हौर, गाजियाबाद और फतेहपुर में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना, रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड सहित कई प्रशासनिक प्रस्तावों को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
