टाटा संस में नेतृत्व को लेकर जंग तेज : नोएल टाटा ने सचिव को खत लिख चन्द्रशेखरन की नियुक्ति पर उठाए सवाल, सात दिन में मांगे अहम दस्तावेज

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में नेतृत्व को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। नोएल टाटा ने कार्यकारी चेयनमैन एन चन्द्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए फैसले को चुनौती दी है। कंपनी सचिव सुप्रकाश मुखोपाध्याय को लिखे पत्र में नोएल टाटा ने कार्यकारी चेयरमैन की नियुक्ति प्रक्रिया में खामियों और हितों के टकराव का मसला उठाया है।
नोएल टाटा ने पत्र में सात दिनों के भीतर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और जानकारियां उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका सवाल है कि 21 फरवरी 2027 से अगले पांच वर्षों के लिए चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति का प्रस्ताव किस प्रक्रिया के तहत पारित किया गया। नोएल टाटा ने 17 सितंबर की बोर्ड बैठक की मूल ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, ट्रांसक्रिप्ट, अंतिम कार्यवृत्त, निदेशकों के मतदान का रिकॉर्ड और दस्तावेजों में किए गए बदलावों का पूरा ऑडिट ट्रेल मांगा है।
नोएल टाटा के अनुसार, बोर्ड बैठक के मूल और संशोधित एजेंडे में पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। उनका दावा है कि एजेंडे के सातवें बिंदु को नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति की रिपोर्ट या चर्चा के रूप में रखा गया था, लेकिन इसी के तहत नियुक्ति का प्रस्ताव सामने आया।
चयन समिति और मतदान प्रक्रिया पर सवाल
नोएल टाटा ने आरोप लगाया है कि समिति की बैठक का एजेंडा और कार्यवृत्त निदेशकों के साथ पहले साझा नहीं किया गया। उन्होंने टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन का हवाला देते हुए पूछा कि चेयरमैन के चयन के लिए निर्धारित चयन समिति का गठन क्यों नहीं किया गया। उन्होंने बोर्ड बैठक के अंतिम मिनट्स तैयार होने से पहले प्रस्ताव को प्रमाणित करने और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास दाखिल करने पर भी आपत्ति जताई है।
हितों के टकराव का मुद्दा भी उठा
नोएल टाटा ने हैनो वन वेयरहाउसिंग में चंद्रशेखरन की पत्नी और पुत्र के निदेशक होने का उल्लेख करते हुए पूछा है कि क्या संबंधित व्यावसायिक संबंधों की जानकारी बोर्ड को दी गई थी। उन्होंने टाटा संस की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति के सदस्य वेणु श्रीनिवासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
फिलहाल टाटा संस की ओर से इन आरोपों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नोएल टाटा के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। ऐसे में विवाद के आगे बढ़ने के साथ कंपनी की ओर से आने वाला जवाब महत्वपूर्ण होगा।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
