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पेपर लीक पर सियासी संग्राम : पीएम मोदी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दिलाया भरोसा, विपक्ष की एक ही मांग प्रधान का इस्तीफा

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 23, 2026
06:47 AM
पीएम मोदी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दिलाया भरोसा, विपक्ष की एक ही मांग प्रधान का इस्तीफा

नई दिल्ली। पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला किया है, ताकि दोषियों को जल्द और कड़ी सजा मिल सके।

पीएम ने दिया सख्त कार्रवाई का संदेश

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं देश के युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था लागू करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जाएगी।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

प्रधानमंत्री के बयान के बावजूद विपक्ष और छात्र संगठनों ने अपना रुख नहीं बदला। छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रही सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि केवल घोषणाओं से छात्रों का भरोसा वापस नहीं आएगा। संगठन ने सरकार से आंदोलनकारी छात्रों से सीधे संवाद करने की भी मांग की।

राहुल गांधी का हमला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें स्पष्ट हैं और सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए। राहुल ने शिक्षा मंत्री को हटाने, छात्रों से माफी मांगने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कथित कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराई। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी कहा कि सरकार को संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करनी चाहिए।

सपा और प्रियंका गांधी ने भी उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने पूछा कि पिछले वर्षों में हुए पेपर लीक मामलों में कितने दोषियों को सजा मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार को जवाब देना चाहिए कि अब तक कार्रवाई कितनी प्रभावी रही है। वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों का शिक्षा व्यवस्था और सरकार पर भरोसा टूट चुका है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है तो छात्रों से बातचीत करे और उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुने।

आंदोलन जारी रहने के संकेत

छात्र संगठनों और विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्रमुख मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य हो सकता है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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