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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 : ग्लासगो में भारत की जीत का बिगुल, मुकाबला खेले बिना लवलीना ने पक्का किया पदक, अब गोल्ड के लिए उतरेंगी रिंग पर

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 23, 2026
10:14 AM
ग्लासगो में भारत की जीत का बिगुल, मुकाबला खेले बिना लवलीना ने पक्का किया पदक, अब गोल्ड के लिए उतरेंगी रिंग पर

ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की औपचारिक शुरुआत से पहले ही भारत के खाते में पहला पदक आना तय हो गया है। स्टार मुक्केबाज और ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। प्रतियोगिता के ड्रॉ में खिलाड़ियों की संख्या कम होने के कारण उन्हें बाय मिला, जिससे बिना कोई मुकाबला खेले उनका कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया।

सेमीफाइनल में जीत से फाइनल का टिकट

लवलीना अब 31 जुलाई को सेमीफाइनल में ताफाकी के खिलाफ रिंग में उतरेंगी। यदि वह यह मुकाबला जीतती हैं तो स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बना लेंगी और कम से कम रजत पदक पक्का हो जाएगा। वहीं यदि उन्हें हार का सामना करना पड़ा, तब भी वह कांस्य पदक के साथ प्रतियोगिता समाप्त करेंगी, क्योंकि मुक्केबाजी के नियमों के अनुसार दोनों सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है।

कॉमनवेल्थ में पहली बार मिलेगा पदक

यह लवलीना का कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला पदक होगा। इससे पहले गोल्ड कोस्ट 2018 में वह क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गई थीं, जबकि बर्मिंघम 2022 में भी उन्हें शुरुआती मुकाबले में हार मिली थी। उन दोनों प्रतियोगिताओं में उन्होंने 69 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया था, जबकि इस बार वह 75 किलोग्राम वर्ग में चुनौती पेश कर रही हैं।

हर बड़े बहु-खेल आयोजन में बनाया रिकॉर्ड

इस पदक के साथ लवलीना उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगी, जिन्होंने ओलंपिक, एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे सभी प्रमुख बहु-खेल आयोजनों में पदक जीतने का गौरव हासिल किया है। इससे पहले उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य, विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2023 में स्वर्ण और हांगझोउ एशियाई खेल 2023 में रजत पदक अपने नाम किया था।

उद्घाटन समारोह में भी निभाएंगी अहम भूमिका

गुरुवार को होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के उद्घाटन समारोह में लवलीना बोरगोहेन भारतीय दल का नेतृत्व करती नजर आएंगी। वह ओलंपिक रजत पदक विजेता भारोत्तोलक मीराबाई चानू के साथ भारत का ध्वज और बैटन लेकर मार्च करेंगी। यह सम्मान उनके शानदार खेल करियर और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों का प्रमाण माना जा रहा है।

भारत को उम्मीद है कि लवलीना अपने अनुभव और शानदार फॉर्म के दम पर सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाएंगी और देश के लिए स्वर्ण पदक की दावेदारी को और मजबूत करेंगी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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