शहरी विकास को नई उड़ान : मप्र के पहले डबल लेयर फ्लाईओवर ब्रिज की पहली भुजा का लोकार्पण, सीएम मोहन ने दी बड़ी सौगात

भोपाल। मध्यप्रदेश के शहरी विकास को नई उड़ान मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को इंदौर में प्रदेश के पहले डबल लेयर फ्लाईओवर की पहली भुजा का लोकार्पण किया। लवकुश चैराहे पर लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस अत्याधुनिक परियोजना को उन्होंने आधुनिक इंजीनियरिंग और बेहतर यातायात प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर हमेशा विकास और नवाचार का प्रतीक रहा है तथा यह परियोजना शहर की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार की गई है।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए यह फ्लाईओवर इंदौर-उज्जैन मार्ग पर बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके शुरू होने से यात्रियों का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी और लंबे समय से लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और तेज आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और यह परियोजना उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
तीन स्तर की यातायात व्यवस्था बनेगी पहचान
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी त्रिस्तरीय यातायात व्यवस्था है। पहले स्तर पर सामान्य सड़क यातायात संचालित होगा, दूसरे स्तर पर पहले से मौजूद फ्लाईओवर और मेट्रो रेल कॉरिडोर रहेगा, जबकि तीसरे स्तर पर नया डबल लेयर फ्लाईओवर तैयार किया गया है। इस व्यवस्था से लवकुश चैराहे पर वाहनों का दबाव काफी कम होगा और विभिन्न दिशाओं में यातायात निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगा।
आधुनिक इंजीनियरिंग का अनूठा नमूना
इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित इस फ्लाईओवर की लंबाई लगभग 1450 मीटर है। निर्माण के दौरान 22 मीटर की ऊंचाई पर 65 मीटर लंबे और 24 मीटर चौड़े स्पान पर दो विशाल स्टील बो-स्ट्रिंग गर्डर लगाए गए हैं। प्रत्येक गर्डर का वजन लगभग 400 टन है और पूरी परियोजना में करीब 800 टन स्टील का उपयोग किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह संरचना प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धियों में शामिल है।
पहली भुजा शुरू, दूसरी अंतिम चरण में
फ्लाईओवर की पहली भुजा शुरू होने के साथ अब अरविंदो अस्पताल की ओर से आने वाला यातायात सीधे बाणगंगा की दिशा में जा सकेगा। इससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक सुगम होगी। परियोजना की दूसरी भुजा का निर्माण भी अंतिम चरण में है और इसके पूरा होते ही पूरे फ्लाईओवर का संचालन शुरू हो जाएगा।
विकसित इंदौर के संकल्प को मिलेगी मजबूती
डॉ. यादव ने कहा कि यह परियोजना केवल एक फ्लाईओवर नहीं, बल्कि विकसित इंदौर और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह अधोसंरचना शहर की नई पहचान बनेगी और औद्योगिक, व्यावसायिक तथा सामाजिक गतिविधियों को नई गति देगी। उन्होंने निर्माण कार्य से जुड़े इंजीनियरों और अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से प्रदेश में विकास कार्यों की गुणवत्ता लगातार बेहतर हो रही है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
