देहरादून से दिल्ली की दूरी हुई कम, : पीएम मोदी ने काॅरिडोर का किया लोकार्पण, बोले- सदी का तीसरा दशक होगा उत्तराखंड का, बोले महिला सशक्तिकरण पर भी

देहरादून। अब देहरादून से दिल्ली की दूरी मात्र ढाई से तीन घंटे की रह गई है। ऐसा इसलिए की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कर दिया है। एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होने से देहरादून से दिल्ली का सफर सिर्फ 2.5 घंटे में ही पूरा हो जाएगा। इस परियोजना में एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर शामिल है। पीएम देहरादून में पूजा-अर्चना के बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस मौके पर पीएम ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी। साथ ही उत्तराखंड के विकास, कनेक्टिविटी सामाजिक न्याय और और महिला सशक्तीकरण पर अपनी बात रखी।
अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय देश में त्योहारों की खुशी और नववर्ष का उत्साह है। उन्होंने सभी नागरिकों को वैसाखी, बोहाग बिहू और पुथंडु की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बाबा केदार के दर्शन के बाद उन्होंने जो बात कही थी कि इस सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, वह अब सच होती दिख रही है। प्रधानमंत्री ने खुशी जताते हुए कहा कि “डबल इंजन सरकार” की नीतियों और राज्य के लोगों की मेहनत से उत्तराखंड तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना इस प्रगति को और तेज करेगी और राज्य के विकास को नई गति देगी।
पीएम ने अंबेडकर को भी किया नमन
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और ऐसे समय में इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन एक बड़ी उपलब्धि है। अंबेडकर जयंती का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बीआर अंबेडकर को नमन किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों को न्याय दिलाने के लिए समर्पित रहा। उन्होंने बताया कि बीते एक दशक में सरकार के फैसलों और नीतियों ने संविधान की गरिमा को पुनः स्थापित करने का काम किया है।

देश के कई जिलों से खत्म हुआ माओवाद-नक्सलवाद
प्रधानमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद अब पूरे देश में संविधान पूरी तरह लागू हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि देश के कई जिलों में माओवाद और नक्सलवाद खत्म हुआ है और वहां भी अब संविधान की भावना के अनुसार काम हो रहा है। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का भी जिक्र किया और कहा कि यह संविधान की अपेक्षा है। उत्तराखंड ने इस दिशा में कदम बढ़ाकर पूरे देश को रास्ता दिखाया है।
सरकार हर गरीब और वंचित तक सुविधाएं पहुंचाने का कर रही काम
प्रधानमंत्री ने सामाजिक न्याय को संतुलित विकास से जोड़ते हुए कहा कि सरकार हर गरीब और वंचित तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगीकरण के बड़े समर्थक थे और आज सरकार उसी दिशा में काम कर रही है। महिला सशक्तीकरण पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चार दशकों के इंतजार के बाद संसद ने यह कानून पास किया, जिससे लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों द्वारा दिए गए समर्थन का स्वागत किया।
कानून लागू में अब नहीं होनी चाहिए देरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कानून को लागू करने में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2029 में लोकसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले यह आरक्षण लागू हो जाना चाहिए। यह देश की भावना और नारी शक्ति की इच्छा है। उन्होंने बताया कि इसी विषय पर 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा तय की गई है। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे मिलकर महिलाओं के हक से जुड़े इस महत्वपूर्ण काम को आगे बढ़ाएं।
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