गांवों की तकदीर बदलती सड़कों की सौगात : पीएमजीएसवाई ने रचा ग्रामीण विकास का नया इतिहास, CM डॉ. यादव बोले—सड़कें बनीं गांवों की जीवनधारा

भोपाल/सीहोर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) ने ग्रामीण भारत की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दी हैं। उन्होंने कहा कि जब विकास की मजबूत इच्छा-शक्ति होती है, तो एक योजना पूरे देश के गांवों को बदल सकती है। इस योजना के तहत बनी पक्की सड़कें अब गांवों की जीवनधारा बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गांवों के अंतिम छोर तक पक्की सड़कें पहुंच चुकी हैं, जिससे आवागमन आसान हुआ है। किसानों को बाजार, बच्चों को स्कूल और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में बड़ी सुविधा मिली है।
25 सालों में ग्रामीण भारत की बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएमजीएसवाई के 25 वर्षों ने ग्रामीण विकास को नई दिशा दी है। मध्यप्रदेश इस ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास के नए युग की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि पीएमजीएसवाई-4 और पीएम जन-मन योजना का शुभारंभ ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत, टिकाऊ और सर्वकालिक सड़क संपर्क देने की दिशा में बड़ा कदम है।
सीहोर में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम
मुख्यमंत्री रविवार को सीहोर जिले के भैरुंदा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती समारोह मनाया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी और कमलेश पासवान सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई और पीएमजीएसवाई पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

मध्यप्रदेश बना देश में नंबर-1
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क संपर्क के मामले में देश में पहले स्थान पर है। राज्य में अब तक 90,150 किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं और 17,540 से अधिक बसाहटों को जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में सड़कों के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। किसानों को मंडियों तक आसान पहुंच मिली है और शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं।
विकास के लिए मिली बड़ी सौगात
इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास सौगातें मिलीं। साथ ही पीएमजीएसवाई के तहत 830 करोड़ रुपये का आवंटन घोषित किया गया। इसके अलावा पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत 2,055 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाएं और मजबूत होंगी।
नई सड़कों से बदलेगा जनजातीय इलाकों का भविष्य
पीएमजीएसवाई-4 के तहत मध्यप्रदेश में 1,763 करोड़ रुपये की लागत से 2,117 किलोमीटर लंबी 973 नई सड़कें बनाई जाएंगी। इससे 987 ग्रामीण बसाहटों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही पीएम जन-मन योजना के तहत 261 करोड़ रुपये की लागत से 384 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी, जिससे 168 जनजातीय बसाहटें सीधे मुख्यधारा से जुड़ेंगी।

मध्यप्रदेश को मिला उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान
रजत जयंती समारोह में बताया गया कि मध्यप्रदेश को कई श्रेणियों में शीर्ष प्रदर्शन के लिए सम्मान मिला है। राज्य ने सबसे अधिक सड़क लंबाई निर्माण में पहला स्थान हासिल किया है। रखरखाव और गुणवत्ता के मामले में भी मध्यप्रदेश अग्रणी रहा है।
गांव-शहर की दूरी हुई कम
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पीएमजीएसवाई ने गांव और शहर के बीच की दूरी कम कर दी है। किसान अब आसानी से अपनी उपज मंडियों तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि देश का कोई भी गांव पक्की सड़क से वंचित न रहे और हर परिवार को पक्का मकान मिले।
अटल जी के सपनों से मोदी सरकार तक यात्रा
कार्यक्रम में बताया गया कि इस योजना की नींव पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रखी थी। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे और विस्तार दिया जा रहा है। अब तक देश में 8.25 लाख किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कें स्वीकृत की जा चुकी हैं और 95% कार्य पूरा हो चुका है।
विकास की नई राह पर ग्रामीण भारत
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने पिछले 25 वर्षों में ग्रामीण भारत को नई दिशा दी है। मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में गांव अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। आने वाली पीएमजीएसवाई-4 और पीएम जन-मन जैसी योजनाएं ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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