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सिंहस्थ 2028 : बाबा महाकाल की नगरी में तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, देखने को मिलेगा श्रद्धा और आधुनिकता का दिव्य संगम

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May 09, 2026
09:11 AM
बाबा महाकाल की नगरी में तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, देखने को मिलेगा श्रद्धा और आधुनिकता का दिव्य संगम

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां अब तेज गति से आगे बढ़ रही हैं। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर करोड़ों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सजने-संवरने लगी है। मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं को अधिक सुगम, सुरक्षित और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से कई बड़े बदलाव करने जा रहा है। इन तैयारियों में आधुनिक तकनीक के साथ सनातन परंपराओं की दिव्यता भी दिखाई दे रही है।

श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं, दर्शन होंगे और सरल

गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए महाकाल लोक परिसर में फॉगिंग फव्वारों की व्यवस्था की गई है, ताकि भक्तों को गर्मी से राहत मिल सके। वहीं लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से विशाल फैब्रिकेशन शेड बनाए जाएंगे, जिससे कतार में खड़े श्रद्धालुओं को धूप और बारिश से सुरक्षा मिल सकेगी।

मंदिर समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह ने बताया कि सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए क्यूआर आधारित आधुनिक बैरियर्स लगाए जाएंगे। इससे दर्शन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और सुगम बनेगी तथा भीड़ प्रबंधन में भी सहायता मिलेगी।

अब भस्म आरती के साथ सांध्य और शयन आरती का भी मिलेगा आध्यात्मिक लाभ

अब तक अधिकांश श्रद्धालु केवल प्रातःकालीन भस्म आरती के महत्व से परिचित थे, लेकिन मंदिर प्रशासन अब सांध्य आरती और शयन आरती की महिमा को भी देश-विदेश तक पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। इन आरतियों के माध्यम से श्रद्धालु बाबा महाकाल की विशेष पूजा परंपराओं और आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ सकेंगे। मंदिर समिति का मानना है कि इन दिव्य आरतियों में सहभागिता से भक्तों को आत्मिक शांति और धार्मिक पुण्य की प्राप्ति होगी।

सुरक्षा, सेवा और सनातन परंपरा का होगा विस्तार

सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में 80 नई स्टील दानपेटियां स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कतार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगभग 1000 नए बैरिकेड्स लगाने की मंजूरी दी गई है।

मंदिर प्रशासन ने वेबसाइट पर अन्नक्षेत्र मॉड्यूल शुरू करने का भी निर्णय लिया है, जिससे भक्त भोजन प्रसादी और सेवा संबंधी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। श्रद्धा, सेवा और आधुनिक तकनीक के इस समन्वय से बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन आने वाले समय में भक्तों के लिए और भी दिव्य एवं भव्य अनुभव का केंद्र बनने जा रही है।

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