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मोहन की नई पहल : जन-विश्वास अभियान का आगाज कल से, सीएम छिंदवाड़ा से करेंगे मिशन की शुरुआत, अब हर शुक्रवार को जनता के बीच जाएगी सरकार

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 06, 2026
08:24 AM
जन-विश्वास अभियान का आगाज कल से,  सीएम छिंदवाड़ा से करेंगे मिशन की शुरुआत, अब हर शुक्रवार को जनता के बीच जाएगी सरकार

भोपाल। मध्यप्रदेश में अब छह माह तक शुक्रवार को कोई विभागीय बैठक नहीं होगी। अपरिहार्य स्थिति मीटिंग करने के लिए मुख्य सचिव से अनुमति लेनी होगी। यह व्यवस्था मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के लिए बनाई गई है। जो कल 7 अगस्त से शुरू होगी। मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव इस जनोन्मुखी पहल की शुरुआत छिंदवाड़ा से करेंगे। वे जिला स्तरीय समाधान आॅनलाइन कार्यक्रम से जनता से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। ं

बता दें कि इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना, लंबित शिकायतों का त्वरित समाधान करना और प्रशासन को पूरी तरह फील्ड आधारित बनाना है। अभियान के तहत अब हर शुक्रवार मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक अधिकारी अपने कार्यालयों से निकलकर गांव, वार्ड और कस्बों में पहुंचेंगे तथा लोगों की समस्याओं का मौके पर निराकरण करेंगे। सरकार का दावा है कि यह अभियान प्रशासन की पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को नई दिशा देगा।

हर शुक्रवार सिर्फ फील्ड में रहेगा प्रशासन

अभियान के तहत प्रत्येक शुक्रवार को अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी स्तर पर नियमित बैठकें नहीं होंगी। यह दिन पूरी तरह जनसंपर्क और फील्ड भ्रमण के लिए निर्धारित रहेगा। मुख्यमंत्री, मंत्री, मुख्य सचिव, वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर और स्थानीय जनप्रतिनिधि अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर जनता से सीधे संवाद करेंगे। भ्रमण क्षेत्र का चयन जिला कलेक्टर एक सप्ताह पहले करेंगे और इसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों व आम जनता को भी दी जाएगी।

पहले समीक्षा, फिर मौके पर समाधान

भ्रमण से पहले संबंधित क्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई, लोक सेवा गारंटी और अन्य लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य इन प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण करना है। यदि कोई मामला शेष रह जाता है तो उसका समाधान फील्ड विजिट के दौरान मौके पर ही किया जाएगा। भ्रमण के बाद प्राप्त नए आवेदनों पर भी तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जनसंवाद के साथ उद्योग संवाद भी

अभियान के दौरान जनसंवाद के साथ-साथ एमएसएमई और कुटीर उद्योगों के उद्यमियों के साथ उद्योग संवाद भी आयोजित किए जाएंगे। व्यापार और उद्योग से जुड़ी समस्याओं का समाधान मौके पर करने का प्रयास होगा। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव समय-समय पर जिलों में पहुंचकर अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे और समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से भी जनता से जुड़ेंगे।

किसानों, गरीबों और आम जनता पर रहेगा फोकस

अभियान में किसानों की फार्मर आईडी, आयुष्मान कार्ड, समग्र आईडी की ई-केवाईसी, प्रधानमंत्री आवास योजना, खाद-बीज की उपलब्धता और कृषि संबंधी समस्याओं की समीक्षा की जाएगी। साथ ही जल जीवन मिशन, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी, स्कूल-कॉलेज, राशन दुकान, सड़क, तालाब, अमृत सरोवर और अन्य शासकीय परिसंपत्तियों का भी निरीक्षण होगा। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।

सादगी, संवेदनशीलता और समाधान पर रहेगा जोर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरा अभियान सादगी और मितव्ययिता के साथ संचालित होगा। अनावश्यक खर्च, सजावट और औपचारिकताओं से बचते हुए सरकारी भवनों में ही संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अभियान के चार प्रमुख आधार संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी तय किए हैं। सरकार का मानना है कि यह पहल प्रशासन और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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