‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम : युवाओं के मुद्दों पर राहुल ने सरकार को घेरा, बोले- सवाल पूछने वाले से क्यों डरती है व्यवस्था?

इंदौर। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था चलाने की जिम्मेदारी सरकार की है, लेकिन उनके अनुसार देश में इसका उलटा हो रहा है। कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों से संवाद करते हुए शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए।
‘शिक्षा व्यवस्था को पीछे ले जाया जा रहा’
राहुल गांधी ने कहा कि देश में पहले विद्यालयों और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों जैसी संस्थाओं का विस्तार किया गया, लेकिन अब पूरी व्यवस्था को पीछे ले जाने का काम हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 से पहले उनकी सरकार के समय बजट का 4.6 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च होता था, जो अब घटकर 2.6 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने शिक्षा के लिए निर्धारित राशि के कथित रूप से बड़े उद्योगपतियों के हाथों में जाने का भी आरोप लगाया और इस संदर्भ में अंबानी तथा अडाणी का नाम लिया।
‘छात्र सवाल पूछता है, इसलिए व्यवस्था को उससे खतरा’
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र सवाल पूछता है और जिज्ञासु होता है, इसलिए व्यवस्था को उससे खतरा महसूस होता है। उन्होंने छात्रों के सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे पूछते हैं कि संस्थाओं में नियुक्तियां कैसे होती हैं, कारोबार पर कुछ बड़े समूहों का प्रभाव कैसे बढ़ा और न्यायपालिका, चुनाव आयोग सहित दूसरी संस्थाएं अपनी जिम्मेदारी किस तरह निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सवाल पूछने वाला छात्र लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भूमिका को समझता है।
परीक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रश्नपत्रों से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में कुछ अभ्यर्थियों की भी गलतियां हो सकती हैं, लेकिन बड़ी चिंता यह है कि छात्रों का व्यवस्था पर भरोसा कम हो रहा है। कार्यक्रम में कुछ छात्रों की ओर से भी अपनी परेशानियां सामने रखी गईं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि व्यवस्था के भीतर भ्रष्टाचार होने पर उसका सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ता है और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं से लाखों छात्रों को नुकसान उठाना पड़ता है।
‘शिक्षा सुविधा नहीं, हर छात्र का अधिकार’
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र देश की नींव हैं और शिक्षा को केवल सुविधा या विलासिता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाल शिक्षा से लेकर विद्यालय, महाविद्यालय और रोजगार तक पहुंचने की व्यवस्था मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी है।
रोजगार और युवाओं के भविष्य पर जोर
कार्यक्रम में शिक्षा के साथ रोजगार को भी युवाओं की प्रमुख चिंता के रूप में सामने रखा गया। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं, प्रश्नपत्र लीक और बेरोजगारी जैसे विषयों पर छात्रों से संवाद किया गया। राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के अनुभव और उनकी समस्याओं को सुना जाना जरूरी है।
उन्होंने छात्रों से कहा कि सवाल पूछना और अपनी समस्याओं को सामने रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इंदौर का यह कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ श्रृंखला का पांचवां आयोजन था, जिसमें युवाओं और शिक्षा से जुड़े विषयों पर संवाद किया गया।
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