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राहुल की विदेश यात्राओं पर फिर सवाल : रिजिजू ने नियमों की याद दिलाई, कहा- यात्रा पर प्रतिबंध नहीं, पर सूचना देना अनिवार्य

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May 15, 2026
10:00 AM
रिजिजू ने नियमों की याद दिलाई, कहा- यात्रा पर प्रतिबंध नहीं, पर सूचना देना अनिवार्य

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर एक बार फिर सियासी माहौल गर्म हो गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को उनके विदेशी दौरों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सांसदों के लिए विदेश यात्रा कोई प्रतिबंधित काम नहीं है, लेकिन इसकी पूर्व सूचना देना नियमों के तहत अनिवार्य है। इस बयान के बाद राजनीतिक बहस ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है।

तीन हफ्ते पहले सूचना देने का नियम

रिजिजू ने स्पष्ट किया कि लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों को किसी भी विदेश यात्रा से कम से कम तीन सप्ताह पहले संसद सचिवालय को जानकारी देनी होती है। उन्होंने कहा कि यह अनुमति लेने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि केवल सूचना देने का नियम है। उनके अनुसार, नियमों का पालन सभी जनप्रतिनिधियों के लिए समान रूप से जरूरी है, चाहे वे किसी भी दल से हों।

“यात्रा, खर्च और पारदर्शिता” पर सवाल

केंद्रीय मंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि राहुल गांधी ने 2004 से अब तक कई विदेश यात्राएं की हैं और इन यात्राओं की संख्या और अवधि पर भी स्पष्टता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी सांसद का विदेश में आतिथ्य सत्कार होता है, तो उसका खर्च एफसीआरए कानून के तहत आता है और उसकी जानकारी संबंधित मंत्रालय को दी जानी चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने पारदर्शिता की मांग दोहराई।

“आमंत्रण कौन देता है?” नया सवाल

रिजिजू ने यह भी कहा कि सांसदों को यह बताना चाहिए कि उन्हें विदेश में किसने आमंत्रित किया और उन दौरों पर कितना खर्च हुआ। उनके अनुसार, कानून सभी के लिए समान है और इसका पालन हर हाल में होना चाहिए। बयान के दौरान उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार किसी विशेष व्यक्ति को निशाना नहीं बना रही, बल्कि नियमों की बात कर रही हैकृहालांकि राजनीति में इसे “सिर्फ नियम” मान लेना भी अब एक चुनौती बन गया है।

सियासत में नया तंज

इस पूरे मामले के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे मुद्दा बनाकर सरकार पर सवाल उठा सकता है, वहीं सरकार इसे “नियमों की याद दिलाने” का सामान्य कदम बता रही है। कुल मिलाकर, विदेश यात्राओं का यह मुद्दा एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ाने के लिए काफी साबित हो रहा हैकृजहां नियम कम और तंज ज्यादा सुनाई दे रहे हैं।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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