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नीट पेपर लीक मामला : सीबीआई की चार्जशीट में सनसनीखेज दावे- एनटीए की लापरवाही से बाहर गए सवाल, विशेषज्ञों ने भी किया खेला

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Aug 07, 2026
07:08 AM
सीबीआई की चार्जशीट में सनसनीखेज दावे- एनटीए की लापरवाही से बाहर गए सवाल, विशेषज्ञों ने भी किया खेला

नई दिल्ली। नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की चार्जशीट ने कई चैंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के गोपनीय अनुभाग में कार्यरत तीन विषय विशेषज्ञों ने अलग-अलग तरीकों से परीक्षा के प्रश्नपत्र बाहर निकाले। सीबीआई का दावा है कि गोपनीय अनुभाग से निकलते समय विशेषज्ञों की तलाशी नहीं ली जाती थी, जिसका आरोपियों ने फायदा उठाया।

एनटीए की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

चार्जशीट के मुताबिक, गोपनीय अनुभाग में प्रवेश और निकास के दौरान विशेषज्ञों की जांच की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा, एनटीए कार्यालय में ऐसा समर्पित सीसीटीवी लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम भी नहीं था, जिससे गोपनीय हॉल में होने वाली गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। जांच में यह भी सामने आया कि सीसीटीवी फुटेज का बैकअप केवल 20 से 25 दिनों तक ही सुरक्षित रखा जाता था।

कागज पर लिखे, याद किए और फिर बाहर पहुंचाए सवाल

सीबीआई के अनुसार, एक आरोपी ने प्रश्नों को कागज की पर्चियों पर लिखकर छिपा दिया, जबकि दो अन्य विशेषज्ञों ने सवाल याद किए और होटल या घर पहुंचकर उन्हें लिख लिया। जांच में यह भी पता चला कि रसायन विज्ञान के विशेषज्ञ पी.वी. कुलकर्णी ने गोपनीय अनुभाग में उपलब्ध रफ शीट पर 135 प्रश्न और उनके विकल्प नोट किए थे। वहीं, फिजिक्स और बायोलॉजी के प्रश्न भी अलग-अलग माध्यमों से तैयार कर अन्य आरोपियों तक पहुंचाए गए।

व्हाट्सएप से भेजे गए लीक सवाल

चार्जशीट के अनुसार, फिजिक्स के लीक प्रश्नों वाला एक दस्तावेज आरोपी मनीषा संजय हवलदार की कथित लिखावट में मिला। उसने 25 अप्रैल 2026 को यह दस्तावेज व्हाट्सएप के जरिए सह-आरोपी को भेजा था। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ प्रश्न पहले ही अन्य आरोपियों तक पहुंचाए जा चुके थे। केमिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज भी आरोपियों के पास से बरामद हुए हैं।

देशभर में छापे, कई डिजिटल सबूत जब्त

सीबीआई ने बताया कि जांच के दौरान राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान लीक प्रश्नों की प्रतियां, 42 डिजिटल डिवाइस और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। एजेंसी ने कई आरोपियों के वॉयस सैंपल भी एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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