पद्मविभूषण तीजन बाई एम्स में भर्ती : फेफड़ों में पानी भरने और निमोनिया के बाद आईसीयू में शिफ्ट, प्रशंसकों में चिंता की लहर

दुर्ग। छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी लोक गायिका और पद्मविभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत उन्हें मेडिकल आईसीयू (एमआईसीयू) में शिफ्ट किया। इस खबर के सामने आते ही उनके प्रशंसकों और शुभचिंतकों में चिंता की लहर दौड़ गई।
परिवार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार देर रात उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें एम्बुलेंस की सहायता से तत्काल एम्स रायपुर लाया गया। तीजन बाई की बहू वेणु देशमुख ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के समय उनकी स्थिति बेहद नाजुक थी। डॉक्टरों ने तुरंत उनका मेडिकल परीक्षण शुरू किया और कई जरूरी जांचें कराई गईं।
फेफड़ों में पानी और निमोनिया की पुष्टि
डॉक्टरों की रिपोर्ट में सामने आया कि तीजन बाई के फेफड़ों में पानी भर गया है। इसके साथ ही उन्हें निमोनिया की भी शिकायत है। उनका ब्लड प्रेशर काफी कम पाया गया, जिसके कारण स्थिति गंभीर हो गई थी। अस्पताल की विशेष मेडिकल टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और हर जरूरी उपचार दिया जा रहा है।

हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय पर अस्पताल पहुंचाने और डॉक्टरों की तत्परता से इलाज शुरू होने के बाद उनकी हालत में तेजी से सुधार देखा गया है। परिवार ने बताया कि अब वे पहले से काफी बेहतर हैं और फिलहाल खतरे से बाहर हैं। इस खबर के बाद उनके चाहने वालों ने राहत की सांस ली है।
लोककला को दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान
तीजन बाई छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान मानी जाती हैं। उन्होंने पंडवानी लोककला को देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में नई पहचान दिलाई है। महाभारत की कथाओं को अपनी अनूठी शैली और दमदार आवाज में प्रस्तुत करने की उनकी कला ने लाखों लोगों को प्रभावित किया है।
साल 1980 में उन्होंने सांस्कृतिक राजदूत के रूप में इंग्लैंड, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, टर्की, माल्टा, साइप्रस, रोमानिया और मॉरीशस सहित कई देशों की यात्रा कर भारतीय लोकसंस्कृति का परचम लहराया था।
कई राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित
तीजन बाई को उनके अद्वितीय योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें वर्ष 1988 में पद्मश्री, 1995 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और वर्ष 2019 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। आज भी वे छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा और संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान मानी जाती हैं।
फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है। परिवार और प्रशंसक उनके जल्द स्वस्थ होकर घर लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
admin
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
