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टीएमसी की मुश्किलों में और इजाफा : प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पद से दिया इस्तीफा, दीदी को भेजा पत्र, अन्य जिम्मेदारियों से भी हुईं मुक्त

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 04, 2026
10:27 AM
प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पद से दिया इस्तीफा, दीदी को भेजा पत्र, अन्य जिम्मेदारियों से भी हुईं मुक्त

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। पार्टी में इस्तीफों की झड़ी लगी हुई है। इसमें छोटे से लेकर बड़े नेता शामिल हैं। इसी क्रम में अब टीएमसी की प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रिका भट्टाचार्य ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को पत्र भेजकर अपने फैसले की जानकारी दी। चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे को पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि तृणमूल कांग्रेस प्रदेश संगठन की कमान किसे सौंपती है और आगामी रणनीति क्या होती है।

अपने इस्तीफे में चंद्रिमा भट्टाचार्य ने लिखा कि वह 3 जून 2026 को उन्हें सौंपी गई प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रही हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी संगठन में उनके पास मौजूद सभी अन्य पदों और जिम्मेदारियों से भी वह हट रही हैं।

बैंक खातों और निर्वाचन आयोग से जुड़ी जिम्मेदारियां भी छोड़ीं

चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने पत्र में बताया कि वह तृणमूल कांग्रेस और उससे जुड़े संगठनों के विभिन्न बैंक खातों की अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता की भूमिका भी छोड़ रही हैं। इसके अलावा उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में अपनी जिम्मेदारी भी वापस लेने की घोषणा की है। हालांकि इस्तीफे के बावजूद उन्होंने ममता बनर्जी के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मन में पार्टी प्रमुख के लिए हमेशा आदर रहेगा और भविष्य में भी यह सम्मान कायम रहेगा।

चुनावी हार के बाद आया बड़ा फैसला

चंद्रिमा भट्टाचार्य का इस्तीफा ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें उत्तर 24 परगना जिले की दमदम उत्तर सीट से हार का सामना करना पड़ा था। इस चुनाव में उन्हें 76,880 मत मिले, जबकि भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सौरव सिकदार ने 26,404 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।

राज्य विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन भी उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। पार्टी 293 सदस्यीय विधानसभा में केवल 80 सीटें ही जीत सकी, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने 207 सीटों पर विजय हासिल कर सरकार बनाई।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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