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सूखे की ओर बढ़ रहा मध्य प्रदेश, : मानसून की रफ्तार थमने से किसानों की बढ़ी टेंशन, धान-सोयाबीन की फसल पर गहराया संकट

admin

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Aug 07, 2026
04:53 AM
मानसून की रफ्तार थमने से किसानों  की बढ़ी टेंशन, धान-सोयाबीन की फसल पर गहराया संकट

मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार थमने से किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रदेश के 55 में से 48 जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे कई इलाकों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। कई जिलों में वर्षा औसत से 46 फीसदी तक कम रही है। इसका सीधा असर खेतों, जलाशयों और खरीफ फसलों पर दिखाई देने लगा है। मौसम की बेरुखी ने खेती पर निर्भर लाखों किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर

बारिश की कमी का सबसे अधिक प्रभाव पूर्वी मध्य प्रदेश में देखा जा रहा है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में औसतन 23 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग भी सामान्य से 16 फीसदी कम बारिश झेल रहे हैं। कई जिलों में खेतों की मिट्टी सूखने लगी है और फसलों की बढ़वार लगभग थम गई है।

धान, सोयाबीन और मक्का पर मंडराया खतरा

कम बारिश का सबसे ज्यादा असर धान, सोयाबीन और मक्का जैसी खरीफ फसलों पर पड़ रहा है। जबलपुर के पाटन क्षेत्र में धान के खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं, जो नमी की गंभीर कमी का संकेत हैं। वहीं शाजापुर और उज्जैन संभाग के कई इलाकों में सोयाबीन की फसल कमजोर पड़ रही है। नमी की कमी के कारण इल्ली और यलो मोजेक वायरस का प्रकोप भी तेजी से बढ़ने लगा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है।

कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान सबसे ज्यादा परेशान

प्रदेश के कई किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की है, लेकिन बारिश की कमी के कारण फसलें खराब होने लगी हैं। ऐसे में उन्हें आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है। किसानों ने सरकार से प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कराने, कृषि विशेषज्ञों की टीम भेजने, समय पर दवाएं उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर राहत पैकेज देने की मांग की है।

सिर्फ सात जिलों में राहत, बाकी प्रदेश सूखे की मार झेल रहा

पूरे मध्य प्रदेश में अब तक केवल बड़वानी, ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इसके विपरीत अधिकांश जिलों में मानसून की कमी से खेती प्रभावित हो रही है और जल स्रोतों का स्तर भी गिरने लगा है।

अगले तीन दिन राहत की उम्मीद

मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, टीकमगढ़, छतरपुर और सागर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। किसानों की निगाहें अब आसमान पर टिकी हैं, क्योंकि आने वाले कुछ दिन उनकी फसल और पूरे खरीफ सीजन की दिशा तय कर सकते हैं।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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