मौसम का रौद्र रूप : देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, MP-CG में भी आफत का खतरा

भोपाल/रायपुर। देश के कई हिस्सों में मानसून की तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कहीं बाढ़ के हालात बने हुए हैं, तो कहीं भूस्खलन और जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जबकि हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के चलते सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी बारिश का दौर जारी है।
वहीं मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मानसून सक्रिय है। दोनों राज्यों में कई स्थानों पर भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है।
असम में बाढ़ से 98 लोगों की मौत, 1.55 लाख प्रभावित
असम में बाढ़ का संकट लगातार गंभीर बना हुआ है। राज्य के 13 जिले अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 1.55 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 98 तक पहुंच गई है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल और जरूरी सहायता पहुंचाने पर प्रशासन का फोकस है। नुकसान का आकलन करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वे की तैयारी भी की जा रही है।
हिमाचल में 153 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन ने परिवहन व्यवस्था को प्रभावित किया है। बारिश के कारण राज्य में 153 सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूटने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश का असर जलापूर्ति योजनाओं और बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
ओडिशा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान
बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से मौसम की लगातार निगरानी की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
केरल से हरियाणा तक बारिश का असर
दक्षिण भारत में केरल के अलाप्पुझा और कोट्टायम समेत कुछ जिलों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है, लेकिन कई लोग अब भी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। कुछ जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को भी बंद रखा गया है।
हरियाणा के फरीदाबाद में कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बारिश के कारण सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की भी खबर है। पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी बारिश जारी है।
वहीं जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मध्यप्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मध्यप्रदेश में मानसून के बीच बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है। लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने 10 अगस्त को प्रदेश के 11 जिलों में तेज बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राजधानी भोपाल में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है। आने वाले 24 घंटे के दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
मध्यप्रदेश में इन खतरों को लेकर अलर्ट
तेज से भारी बारिश
गरज-चमक के साथ बारिश
30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं
आकाशीय बिजली गिरने का खतरा
निचले इलाकों में जलभराव
नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका
कमजोर और कच्चे मकानों को नुकसान का खतरा
मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। खासतौर पर बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में पिछले कई दिनों से मानसून सक्रिय है। मौसम विभाग के मुताबिक 10 अगस्त से प्रदेश के ज्यादातर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
रायपुर और मुंगेली जिले में एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट भी है।
कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
छत्तीसगढ़ में क्या है मौसम का अनुमान?
ज्यादातर जिलों में बारिश की संभावना
कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश
रायपुर और मुंगेली में अति भारी बारिश की आशंका
30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं
गरज-चमक और आकाशीय बिजली का अलर्ट
निचले इलाकों में जलभराव का खतरा
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। जलभराव वाले रास्तों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
अचानक मौसम बदलने की स्थिति में यात्रा से पहले स्थानीय मौसम चेतावनी की जानकारी लेना जरूरी है। तेज बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए।
कुल मिलाकर देशभर में मानसून की बारिश ने कई राज्यों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। असम में बाढ़ का संकट गंभीर है, हिमाचल में भूस्खलन से सड़कें प्रभावित हैं, जबकि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी है। ऐसे में प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करना बेहद जरूरी है।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
