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आकाश आनंद ‘कार्यकर्ता’ से बने ‘बसपा समर्थक’, : राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर पद से हटाए जाने के बाद बदला X बायो; मायावती के निर्देश से बढ़ी सियासी हलचल

admin

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Sep 07, 2026
04:52 AM
राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर पद से हटाए जाने के बाद बदला X बायो; मायावती के निर्देश से बढ़ी सियासी हलचल

बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद को लेकर सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर पद से हटाए जाने के महज चार दिन बाद आकाश आनंद ने अपने X प्रोफाइल का बायो बदल दिया है। पहले प्रोफाइल पर वह खुद को ‘बसपा कार्यकर्ता’ बताते थे, लेकिन अब उन्होंने इसे बदलकर ‘बसपा समर्थक’ कर दिया है। इस बदलाव ने पार्टी के भीतर उनके भविष्य को लेकर चर्चाओं को और हवा दे दी है।

आकाश आनंद के इस कदम को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब पार्टी में उनकी भूमिका लगातार सीमित होती दिखाई दे रही है। हालांकि, बसपा की ओर से उन्हें पार्टी से बाहर किए जाने को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में केवल सोशल मीडिया बायो के आधार पर उनके पार्टी से अलग होने की पुष्टि नहीं की जा सकती। फिर भी ‘कार्यकर्ता’ से ‘समर्थक’ तक का सफर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

मायावती के निर्देश की चर्चा, सोशल मीडिया पर बढ़ी दूरी

सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों से आकाश आनंद और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनफॉलो करने को कहा है। यह घटनाक्रम आकाश को राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर पद से हटाए जाने के बाद सामने आया है। इससे पार्टी और आकाश के बीच दूरी बढ़ने के संकेत माने जा रहे हैं।

आकाश के साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। मार्च 2025 में भी मायावती ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देते हुए उन्हें बसपा से बाहर कर दिया था। बाद में उनकी पार्टी में वापसी हुई थी। अब एक बार फिर उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

समर्थकों ने संभाला मोर्चा, ‘उम्मीदों का आकाश’ ट्रेंड

दूसरी ओर, आकाश आनंद के समर्थन में भी आवाजें उठ रही हैं। सोशल मीडिया पर उनके समर्थक ‘उम्मीदों का आकाश’ जैसे संदेशों के साथ पोस्ट कर रहे हैं। इससे साफ है कि पार्टी के भीतर और बाहर आकाश को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है।

ईशान आनंद की एंट्री से बढ़ा सस्पेंस

इसी बीच मायावती के छोटे भतीजे ईशान आनंद को लेकर भी पार्टी में नई भूमिका की चर्चा है। उन्हें मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाए जाने के बाद यह अटकलें तेज हैं कि भविष्य में उन्हें कुछ राज्यों की जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि, बसपा ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

ऐसे में बसपा में संगठनात्मक बदलाव की तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आकाश आनंद की अगली राजनीतिक चाल क्या होगी? आने वाले दिनों में मायावती का फैसला इस पूरे सियासी घटनाक्रम की दिशा तय कर सकता है।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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