माइनिंग विभाग की कार्रवाई के खिलाफ आक्रोश : राजधानी में 2000 ट्रकों के पहिए थमे, रेत, गिट्टी और कोपरा की सप्लाई पर असर

भोपाल। राजधानी भोपाल में करीब 2000 ट्रक मालिकों और ड्राइवरों ने हड़ताल शुरू कर दी है। इतना ही नहीं माइनिंग विभाग द्वारा लगाए जा रहे 4 लाख रुपये तक लगाए जा रहे भारी-भारीकम पेनाल्टी विरोध में ट्रांसपोर्टर्स ने अपने वाहनों के पहिए थाम दिए हैं। मालिकों का आरोप है कि तय जुर्माने के अलावा 20 से 40 हजार रुपये तक अतिरिक्त पेनाल्टी लगाई जा रही है। जुर्माने की कार्रवाई से स्थानीय ट्रांसपोर्ट कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है।
लोकल ट्रांसपोर्ट जागरूकता सहायता समिति के बैनर तले चल रहा धरना लगातार जारी है। डंपर मालिकों का कहना है कि पिछले दो दिनों से बड़ी संख्या में वाहन अलग-अलग स्थानों पर खड़े हैं। इससे रेत, गिट्टी और कोपरा की स्थानीय सप्लाई भी प्रभावित हुई है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, पर्यावरण के नाम पर लगाया जा रहा जुर्माना मूल रूप से रेत खनन और उसके भंडारण से संबंधित प्रावधानों के तहत है। उनका आरोप है कि इस कार्रवाई में स्थानीय ट्रांसपोर्टर्स से भी करीब 4 लाख रुपये तक की राशि वसूली जा रही है। एसोसिएशन ने इसे अनुचित बताते हुए तत्काल कार्रवाई रोकने की मांग की है।
कई बार शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं होने का आरोप
एसोसिएशन का कहना है कि ट्रांसपोर्टर्स अपनी समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों के सामने मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। इसके चलते ट्रक मालिकों और ड्राइवरों में नाराजगी बढ़ी है और उन्होंने हड़ताल का रास्ता अपनाया है।
आज रात चार स्थानों पर चक्का जाम की चेतावनी
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने कहा है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर तत्काल ध्यान नहीं देती है, तो आज रात भोपाल में चार स्थानों पर चक्का जाम किया जाएगा। संगठन का दावा है कि विरोध प्रदर्शन के तहत बड़ी संख्या में ट्रक सड़कों पर खड़े किए जाएंगे।
हड़ताल और संभावित चक्का जाम से राजधानी में माल परिवहन प्रभावित होने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना है। फिलहाल ट्रांसपोर्टर्स अपनी मांगों पर सरकार और संबंधित विभाग से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
