मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा एक्शन : 392 अधिकारियों पर कार्रवाई, 7 बर्खास्त; करोड़ों की वसूली, अपर मुख्य सचिव ने की कार्रवाई

भोपाल। मध्यप्रदेश में वित्तीय अनियमितताओं के मामलों को लेकर नगरीय प्रशासन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 392 अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इनमें लगभग 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) भी शामिल हैं। कार्रवाई के तहत अब तक 7 अधिकारियों को बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि करीब 3 से 4 करोड़ रुपये की वसूली किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इसके अलावा 80 से अधिक ठेकेदारों और सप्लायर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और वित्तीय गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
वित्तीय अनियमितताओं पर विभाग सख्त
नगरीय प्रशासन विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी धन के उपयोग में जवाबदेही तय करना और अनियमितताओं के मामलों में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करना है। विभागीय जानकारी के मुताबिक, अधिकारियों के साथ-साथ ठेकेदारों और सप्लायर्स के खिलाफ भी कदम उठाए गए हैं।
करीब 392 अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई और 7 अधिकारियों की बर्खास्तगी की जानकारी इस अभियान की व्यापकता को दर्शाती है। हालांकि, अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की प्रकृति और अंतिम निष्कर्ष संबंधित विभागीय रिकॉर्ड से स्पष्ट होंगे।
AI और तकनीक से होगी निगरानी
सरकार वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी इस्तेमाल कर रही है। इसका उद्देश्य संदिग्ध लेनदेन और संभावित अनियमितताओं की पहचान करना, निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाना और सरकारी खर्च में पारदर्शिता बढ़ाना है।
फिलहाल, सरकार का संदेश स्पष्ट है—सरकारी धन के उपयोग में लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी।
नीलम अहिरवार
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