यात्रियों को घंटों कतार लगने की नहीं जरूरत : भोपाल मंडल के 47 आरक्षण केंद्र बने अत्याधुनिक, नेक्स्ट जनरेशन तकनीक सिस्टम हुए अपग्रेड

भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के मुख्य स्टेशनों के 47 यात्री आरक्षण केंद्रों पीआरएस में अत्याधुनिक तकनीक प्रणाली से लैंस कर दिया गया है। रेल प्रशासन ने इस नई तकनीक को अगली पीढ़ी यानि नेक्स्ट जेन नाम दिया गया है।
इन पीआरएस काउंटरों में नॉन रेल हेड पीआरएस, यूटीएस सह पीआरएस काउंटर तथा 6 चार्टिंग काउंटर शामिल है। मंडल के 21 स्टेशनों समेत विभिन्न स्थानों पर स्थित 47 आरक्षण केंद्रों की तकनीक को शत-प्रतिशत रूप से अपग्रेड कर दिया गया है।
सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि इस आधुनिक प्रणाली के लागू होने से टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी एवं यात्री अनुकूल बन गई है। इस तकनीक को डीआरएम पंकज त्यागी के निर्देशन में रेलवे के आईटी इंजीनियरों ने तैयार किया है।
नेक्स्ट जेन पीआरएस तकनीक के ये हैं लाभ
नई प्रणाली प्रति मिनट लगभग 1.5 लाख से अधिक टिकट बुक करने में सक्षम है, जो वर्तमान प्रणाली की तुलना में लगभग पाँच गुना तेज है।
टिकट संबंधी पूछताछ क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि हुई है, जिससे यात्रियों को तुरंत जानकारी उपलब्ध होगी।
जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण लागू किया गया है, जिससे फर्जी आईडी और दलालों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।
नई प्रणाली बहुभाषी इंटरफेस से युक्त ह। इसमें सीट चयन और किराया कैलेंडर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
नई प्रणाली में दिव्यांगजन, छात्र एवं मरीजों के लिए एकीकृत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई है। इससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया और अधिक सुविधाजनक बनेगी।
टिकट परीक्षक से आने वाले यात्रियों को तुरंत चिन्हित कर उनकी खाली सीटें प्रतीक्षा सूची अथवा आरएसी यात्रियों को शीघ्र आवंटित की जा सकेंगी।
नए प्रावधानों के अनुसार टिकट बुकिंग प्रारंभ होने के पहले 10 मिनट तक एजेंट टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। इससे आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
- इस आधुनिकीकरण से टिकट बुकिंग में आने वाली तकनीकी बाधाएं कम होगी और यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने में अधिक सुविधा मिलेगी।
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