NEET-UG 2026 : आरोपी मनीषा मांधरे 14 दिन की CBI हिरासत में,पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा

नीट UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच तेज हो गई है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी मनीषा गुरुनाथ मांधरे को 14 दिन की CBI हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसी का दावा है कि मनीषा इस पूरे नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रही थीं और उन्हें परीक्षा के बायोलॉजी प्रश्न पत्र तक सीधी पहुंच हासिल थी। CBI के अनुसार, पुणे निवासी मनीषा मांधरे NTA द्वारा नियुक्त वरिष्ठ बॉटनी टीचर थीं। एजेंसी को शक है कि वह कथित पेपर लीक रैकेट की सह-मास्टरमाइंड के तौर पर काम कर रही थीं।
कोर्ट में CBI ने क्या कहा
राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान CBI ने बताया कि मनीषा मांधरे बॉटनी और जूलॉजी प्रश्न पत्रों के अनुवाद कार्य से जुड़ी थीं। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और कंसल्टेंट मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर पेपर लीक की साजिश तैयार की। CBI ने कोर्ट को यह भी बताया कि लीक किया गया प्रश्न पत्र एक अन्य आरोपी शुभम तक पहुंचाया गया था। जांच एजेंसी के मुताबिक मामले की जांच कई राज्यों में फैली हुई है, इसलिए पूछताछ के लिए आरोपी को अलग-अलग स्थानों पर ले जाना जरूरी है।
गिरफ्तारी प्रक्रिया पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। मनीषा मांधरे के वकील ने दावा किया कि उन्हें सूरज डूबने के बाद गिरफ्तार किया गया और देर रात दिल्ली लाया गया। हालांकि अदालत ने इस मुद्दे पर अलग से आवेदन दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने आरोपी को प्रतिदिन 15 मिनट तक अपने वकील से मिलने की अनुमति भी दी है।
पुणे में चलती थीं ‘स्पेशल क्लास’
CBI जांच में यह भी सामने आया है कि अप्रैल 2026 में मनीषा मांधरे ने कथित तौर पर कुछ छात्रों को विशेष कोचिंग देने की व्यवस्था की थी। एजेंसी के अनुसार, पुणे स्थित उनके घर पर ऐसी क्लास चलाई गईं जहां छात्रों को बायोलॉजी के संभावित सवाल समझाए जाते थे। छात्रों को सवाल नोटबुक में लिखने और किताबों में मार्क करने के लिए कहा जाता था। बाद में जांच में पाया गया कि इन क्लासों में बताए गए कई सवाल 3 मई को आयोजित और बाद में रद्द हुई NEET-UG 2026 परीक्षा से मेल खाते थे।
देशभर में CBI की छापेमारी
पिछले 24 घंटों में CBI ने देशभर में छह अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की है। इस दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी अब डिजिटल और फॉरेंसिक जांच के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक लेनदेन और कॉल रिकॉर्ड्स की भी जांच की जा रही है।
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अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार
CBI ने यह केस 12 मई को शिक्षा मंत्रालय की लिखित शिकायत के बाद दर्ज किया था। शिकायत में NEET-UG 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक का जिक्र किया गया था। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, पुणे, नासिक और अहल्यानगर समेत कई शहरों से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से पांच आरोपियों को पहले ही पुलिस रिमांड पर भेजा जा चुका है।
CBI का दावा है कि जांच के दौरान बायोलॉजी और केमिस्ट्री पेपर लीक के असली स्रोत की पहचान कर ली गई है। एजेंसी ने उन बिचौलियों का भी पता लगाने का दावा किया है जो छात्रों से मोटी रकम लेकर उन्हें कथित ‘स्पेशल क्लासों’ तक पहुंचाते थे। जांच अधिकारियों के मुताबिक इन क्लासों में वही सवाल समझाए और लिखवाए जाते थे जो बाद में परीक्षा में पूछे गए। मामले में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी हो सकती है।
नीरज द्विवेदी
5 साल से ज्यादा का पत्रकारिता अनुभव। टीवी और प्रिंट मीडिया में कलमकारी की है। पॉलिटिकल और पब्लिक कनेक्ट की खबरों में दिलचल्पी। TV27NEWS DIGITAL में एंकरिंग भी कर रहे हैं।
