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सहकारिता मंत्रालय के पांच साल : अमित शाह ने गिनाई उपलब्धियां, श्रेय दिया पीएम मोदी को, विरोधियों पर भी निकाली भड़ास

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jul 06, 2026
10:25 AM
अमित शाह ने गिनाई उपलब्धियां, श्रेय दिया पीएम मोदी को, विरोधियों पर भी निकाली भड़ास

नई दिल्ली। केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के गठन के आज पांच साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर सोमवार को दिल्ली में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने जहां सहकारिता मंत्रालय की उपलब्धियां गिनाई। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर सराहना की।

शाह ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में 2021 में गठित सहकारिता मंत्रालय ने देश के सहकारी आंदोलन को नई दिशा और नई ऊर्जा दी है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक उपेक्षित रहे इस क्षेत्र को पहली बार केंद्र स्तर पर अलग पहचान मिली, जिससे करोड़ों किसानों और ग्रामीणों को सीधा लाभ पहुंचा है।

विरोध के बावजूद साबित किया मंत्रालय का महत्व

अमित शाह ने कहा कि जब सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया था, तब कई राजनीतिक दलों ने इसका विरोध किया था। उनका तर्क था कि सहकारिता राज्य का विषय है और केंद्र को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। हालांकि, पिछले पांच वर्षों में मंत्रालय ने यह साबित किया कि उसका उद्देश्य राज्यों के अधिकारों में दखल देना नहीं, बल्कि उनके प्रयासों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि आज मंत्रालय के कार्यों को लेकर किसी भी राज्य या राजनीतिक दल की ओर से विरोध नहीं है।

पैक्स को बनाया ग्रामीण विकास का केंद्र

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर की प्राथमिक कृषि साख समितियां अब एक समान मॉडल बायलॉज के तहत कार्य कर रही हैं। करीब 55 हजार पैक्स केंद्रों को कॉमन सर्विस सेंटर से जोड़कर 300 से अधिक सरकारी और नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे गांवों में सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ी है और पैक्स ग्रामीण अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।

बीज उत्पादन और किसानों पर विशेष फोकस

अमित शाह ने कहा कि बीज उत्पादन के क्षेत्र में राष्ट्रीय सहकारी समिति का गठन किया गया है, जो अगले तीन वर्षों में देश की सबसे बड़ी गैर-सरकारी बीज उत्पादन संस्था बनने की दिशा में काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना, अधिक उत्पादन देने वाली नई बीज किस्मों का विकास करना तथा भारतीय पारंपरिक बीजों का संरक्षण सुनिश्चित करना है।

सहकारिता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय ने पिछले पांच वर्षों में केवल योजनाएं बनाने का काम नहीं किया, बल्कि जमीनी स्तर पर समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में सहकारिता आंदोलन देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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