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निलंबित सीएसपी की बढ़ी मुश्किलें : अग्रिम जमानत खारिज, गिरफ्तारी से बचने हाईकोर्ट ही आखिरी सहारा

admin

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Aug 29, 2026
04:03 PM
अग्रिम जमानत खारिज, गिरफ्तारी से बचने हाईकोर्ट ही आखिरी सहारा

कटनी। बहुचर्चित जमीन सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग के मामले में निलंबित नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पच्चीसिया को अदालत से बड़ा झटका लगा है। शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय, कटनी के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत के इस फैसले के बाद उनकी गिरफ्तारी का रास्ता खुल गया है और पुलिस ने तलाश तेज कर दी है।

कोर्ट ने गंभीरता को माना अहम

अदालत ने अग्रिम जमानत आवेदन क्रमांक BA/821/2026 पर सुनवाई के बाद मामले की गंभीरता और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कमलेश शुक्ला ने पक्ष रखा, जबकि अभियोजन और विशेष जांच दल की ओर से मामले से जुड़े तथ्य अदालत के सामने रखे गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अग्रिम जमानत आवेदन निरस्त कर दिया।

तीन आरोपी फरार, पुलिस ने घोषित किया इनाम

कुठला थाने में मामला दर्ज होने के बाद से निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया, कथित मुख्य वित्तपोषक क्षितिज राज बारापात्रे और कागजी खरीदार बताए जा रहे मारूफ अहमद हनफी फरार हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस और एसआईटी की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

बैंक खातों से डिजिटल रिकॉर्ड तक जांच

मामले की तह तक पहुंचने के लिए जबलपुर एएसपी अंजना तिवारी के नेतृत्व में आठ सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया गया है। एसआईटी बैंक लेनदेन, जमीन से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। जांच का दायरा बढ़ने के साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, सील किए गए सीएसपी कार्यालय को खोलकर वहां मौजूद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को भी जांच के दायरे में लिया जा सकता है। इससे मामले में आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

अब हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद

अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद नेहा पच्चीसिया के सामने अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जाने का विकल्प बचा है। यदि वहां से तत्काल राहत नहीं मिलती है तो पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई आगे बढ़ा सकती है। इस बीच फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस और साइबर सेल की टीमें सक्रिय हैं।

अदालत के फैसले के बाद मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। अब जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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