मप्र में बड़ा प्रशासनिक फेरबदलः : अनुराग जैन को मिली नीति आयोग की बड़ी जिम्मेदारी, अशोक बर्णवाल बने प्रदेश के नए सीएस, सीएम मोहन ने नाम पर लगाई मुहर

भोपाल। मध्यप्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव हुआ है। केंद्र सरकार ने प्रदेश कैडर के 1989 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। उनकी नई जिम्मेदारी के बाद राज्य सरकार ने 1991 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक बर्णवाल को मध्यप्रदेश का नया मुख्य सचिव बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके नाम पर मुहर लगाई है। अशोक बर्णवाल जनवरी 2027 तक इस पद पर रहेंगे।
अनुराग जैन को मिली राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के आदेश के अनुसार, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने अनुराग जैन की नियुक्ति को मंजूरी दी है। वे पदभार ग्रहण करने की तिथि से सेवा-विस्तार की अवधि तक और उसके बाद अधिकतम दो वर्ष अथवा अगले आदेश तक नीति आयोग के सीईओ के रूप में कार्य करेंगे। प्रशासनिक सुधार, आधारभूत संरचना, उद्योग और नीति निर्माण में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
अशोक बर्णवाल बने प्रदेश के नए मुख्य सचिव
अनुराग जैन के केंद्र में जाने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने तत्काल प्रभाव से अशोक बर्णवाल को मुख्य सचिव नियुक्त कर दिया है। इससे पहले वे अपर मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा खाद्य सुरक्षा आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। उनकी नियुक्ति को राज्य प्रशासन में अहम बदलाव माना जा रहा है।
35 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव बना सबसे बड़ी ताकत
अशोक बर्णवाल के पास करीब 35 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव है। उन्होंने स्वास्थ्य, वन, पर्यावरण, कृषि, पिछड़ा वर्ग कल्याण और कई महत्वपूर्ण विभागों का सफल संचालन किया है। बीटेक (माइनिंग इंजीनियरिंग) और पब्लिक पॉलिसी एंड मैनेजमेंट की शिक्षा प्राप्त बर्णवाल को तकनीकी और प्रशासनिक दोनों क्षेत्रों की गहरी समझ है। सरकार ने उनकी साफ-सुथरी छवि और जनहित आधारित कार्यशैली को देखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी है।
दो मुख्यमंत्रियों के प्रमुख सचिव रह चुके हैं
अशोक बर्णवाल उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं जिन्होंने दो अलग-अलग सरकारों में भी अहम जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने उन्हें अपना प्रमुख सचिव बनाया था। इसके बाद 2018 में कमल नाथ के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनने पर भी वे प्रमुख सचिव के पद पर बने रहे। इससे उनकी प्रशासनिक क्षमता और सभी सरकारों के साथ काम करने की योग्यता का पता चलता है।
डॉ. राजेश राजौरा की मंत्रालय से होगी विदाई
मुख्य सचिव के चयन के साथ ही प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों में बदलाव की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अनुराग जैन के बाद 1990 बैच के अपर मुख्य सचिव (जल संसाधन) डॉ. राजेश कुमार राजौरा सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं। चूंकि नए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल 1991 बैच के अधिकारी हैं, इसलिए परंपरा के अनुसार डॉ. राजौरा की मंत्रालय से विदाई तय मानी जा रही है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि मुख्य सचिव के कार्य संचालन और प्रशासनिक समन्वय में किसी प्रकार की कठिनाई न आए।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
