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रजत मुकुट, रुद्राक्ष की माला : बाबा महाकाल का हुआ दिव्य श्रृंगार, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 23, 2026
05:57 AM
बाबा महाकाल का हुआ दिव्य श्रृंगार, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

उज्जैन। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। आश्विन शुक्ल पक्ष की द्वादशी के पावन अवसर पर भगवान महाकाल की भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। बाबा के अलौकिक स्वरूप के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष, शंखनाद और घंटियों की मधुर ध्वनि से गूंज उठा।

ढोल-नगाड़ों के साथ खुले मंदिर के पट

शुक्रवार तड़के पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार सबसे पहले भगवान वीरभद्र से आज्ञा ली गई। इसके बाद ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच श्री महाकालेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए। मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं में अपने आराध्य के दर्शन करने की उत्सुकता दिखाई दी। रात से ही भक्त दर्शन के लिए कतारों में खड़े थे और सुबह होते ही मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास का माहौल बन गया।

पंचामृत अभिषेक से हुआ बाबा का पूजन

मंदिर के कपाट खुलने के बाद मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से बाबा का अभिषेक संपन्न हुआ। विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हुए प्रथम घंटाल बजाया गया और भगवान को हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल ने मुकुट धारण किया। इसके बाद भव्य शृंगार कर भस्म आरती की तैयारी की गई।

रजत मुकुट और रुद्राक्ष से सजा बाबा का दिव्य स्वरूप

भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का मनोहारी शृंगार किया गया। बाबा को रजत मुकुट और रुद्राक्ष से सजाया गया। झांझ-मंजीरों, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच भस्म आरती संपन्न हुई। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर भक्तों ने जयकारे लगाए और सुख-समृद्धि की कामना की।

महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से निभाई जाती है परंपरा

श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती की परंपरा का विशेष धार्मिक महत्व है। परंपरा के अनुसार, महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल अपने निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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