अयोध्या की संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने का मौका : पर्यटन विभाग ने शुरू की खास प्रतियोगिता, 60 सेकंड की रील से जीतें सम्मान

लखनऊ। अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और बदलते स्वरूप को दुनिया के सामने लाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार दीपोत्सव-2026 को खास बनाने की तैयारी में जुटी है। इसी कड़ी में पर्यटन विभाग ने चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं की घोषणा की है। इन प्रतियोगिताओं में देशभर के सभी आयु वर्ग के लोग हिस्सा ले सकेंगे। प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 2 नवंबर निर्धारित की गई है। विजेताओं को दीपोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में सम्मानित किया जाएगा।
पेंटिंग और रील से दिखाएं अयोध्या की भव्यता
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या भारत की आस्था, संस्कृति और गौरवशाली विरासत के प्रतीक के रूप में उभरी है। प्रतियोगिताओं का उद्देश्य रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच देकर रामनगरी की विकास यात्रा और सनातन संस्कृति की भव्यता को जन-जन तक पहुंचाना है।
चित्रकला प्रतियोगिता की थीम ‘कला के माध्यम से अयोध्या का उत्सव’
चित्रकला प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को जलरंग यानी वॉटर कलर के माध्यम से मौलिक पेंटिंग तैयार करनी होगी। इसमें अयोध्या के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल, सांस्कृतिक परंपराएं, विकास कार्य और दीपोत्सव की भव्यता दर्शाई जा सकती है। कलाकृति स्वयं तैयार की गई होनी चाहिए। पहले से प्रकाशित, नकल की गई या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई पेंटिंग स्वीकार नहीं की जाएंगी। विषय से असंबंधित, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री वाली प्रविष्टियां भी प्रतियोगिता से बाहर रहेंगी।
60 सेकंड की रील में दिखाएं ‘नए रूप में अयोध्या’
रील मेकिंग प्रतियोगिता की थीम ‘नए रूप में अयोध्या’ रखी गई है। इसमें प्रतिभागियों को 30 से 60 सेकंड की मौलिक वीडियो रील बनानी होगी। वीडियो में अयोध्या की प्राचीन विरासत, विकास कार्यों और दीपोत्सव-2026 की झलक दिखाई जा सकती है।
रील आकर्षक, स्पष्ट और सार्वजनिक प्रदर्शन के योग्य होनी चाहिए। वीडियो में इस्तेमाल किए जाने वाले संगीत, दृश्यों और अन्य रचनात्मक सामग्री के लिए कॉपीराइट मुक्त संसाधनों का उपयोग करना होगा। बिना अनुमति कॉपीराइट सामग्री, नकल या अत्यधिक AI-निर्मित सामग्री वाली प्रविष्टियां स्वीकार नहीं की जाएंगी।
2 नवंबर तक करें आवेदन
दोनों प्रतियोगिताओं में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी पर्यटन विभाग की ओर से उपलब्ध आधिकारिक लिंक या क्यूआर कोड के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 2 नवंबर है।
पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि इन प्रतियोगिताओं के जरिए नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और अयोध्या की पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि देशभर के प्रतिभागी अपनी कल्पनाशीलता और नवाचार से दीपोत्सव की भव्यता को नए अंदाज में प्रस्तुत करेंगे।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
