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बिजली विभाग का घेराव, अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन : हजारों के बिल से परेशान ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर हटाने बुलंद की आवाज

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Oct 09, 2026
09:33 AM
हजारों के बिल से परेशान ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर हटाने बुलंद की आवाज

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में स्मार्ट बिजली मीटर से भारी-भरकम बिल आने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का दावा है कि एक महीने का बिजली बिल किसी परिवार को 40 हजार रुपये, तो किसी को 64 हजार रुपये तक थमा दिया गया है। इतनी बड़ी रकम का बिल देखकर ग्रामीण हैरान हैं। उनका कहना है कि घरेलू बिजली की खपत सामान्य होने के बावजूद हजारों रुपये का बिल भेजा जा रहा है। इस समस्या से परेशान ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर स्मार्ट मीटर हटाने और बिलों की जांच कराने की मांग की है।

स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े बिजली बिल, ग्रामीणों का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि जब से उनके घरों में स्मार्ट बिजली मीटर लगाए गए हैं, तब से बिजली के बिल में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। किसी को 40 हजार रुपये, तो किसी को 64 हजार रुपये तक का बिल मिलने का दावा किया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि उनकी बिजली खपत इतनी अधिक नहीं है कि एक महीने का बिल हजारों रुपये में पहुंच जाए। भारी-भरकम बिलों के कारण परिवारों का घरेलू बजट बिगड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने बिलिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बिजली विभाग पर लापरवाही से रीडिंग और बिल तैयार करने का आरोप लगाया है।

हालांकि, बिलों में इतनी बड़ी राशि आने की वास्तविक वजह क्या है, यह विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

बिजली विभाग का घेराव, अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन

बिजली बिल की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने एकजुट होकर बिजली विभाग के अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत रखी। ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर बिलों की जांच कराने, गड़बड़ी दूर करने और स्मार्ट मीटर हटाने की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बिलिंग की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने विभाग से जल्द कार्रवाई कर वास्तविक खपत के आधार पर बिजली बिल जारी करने की मांग की है।

बिजली विभाग ने दिया जांच का आश्वासन

इस मामले में बिजली विभाग का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत और ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है। विभाग की ओर से संबंधित बिजली बिलों की जांच कर समस्या का निराकरण करने की बात कही गई है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में बिलों की अधिक राशि आने के पीछे क्या कारण सामने आता है। यदि मीटर या बिलिंग प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो ग्रामीणों को राहत देने के लिए विभाग क्या कदम उठाता है।

स्मार्ट मीटर पर फिर उठे सवाल

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। बेमेतरा का यह मामला भी बिजली बिल की पारदर्शिता और स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े करता है। जहां सरकार स्मार्ट मीटर को बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम मानती है, वहीं ग्रामीणों की शिकायत है कि उन्हें मीटर लगने के बाद भारी बिलों का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे में जरूरी है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो और बिलों में गड़बड़ी मिलने पर समय पर सुधार किया जाए। स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्या का समाधान तकनीकी जांच और वास्तविक बिजली खपत के सत्यापन के आधार पर होना चाहिए।

अब ग्रामीणों को राहत का इंतजार

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक महीने में 40 हजार से 64 हजार रुपये तक का बिजली बिल कैसे आया? क्या इसकी वजह स्मार्ट मीटर में तकनीकी गड़बड़ी है, गलत रीडिंग है या बिलिंग से जुड़ी कोई अन्य समस्या? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।

ग्रामीणों ने बिजली विभाग से जल्द कार्रवाई करने, भारी-भरकम बिलों की जांच कराने और स्मार्ट मीटर हटाने की मांग की है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में कितनी जल्दी जांच पूरी कर ग्रामीणों को राहत देता है।

नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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