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छत्तीसगढ़ मुंगेली NEWS : लोरमी के सरकारी अस्पताल में गंभीर लापरवाही का आरोप, डिलीवरी के 16 दिन बाद निकला कॉटन का टुकड़ा

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Oct 09, 2026
09:15 AM
लोरमी के सरकारी अस्पताल में गंभीर लापरवाही का आरोप, डिलीवरी के 16 दिन बाद निकला कॉटन का टुकड़ा

मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी स्थित 50 बिस्तर अस्पताल में प्रसव के बाद महिला के शरीर के अंदर कॉटन का टुकड़ा रह जाने का गंभीर मामला सामने आया है। डेरहाकापा, लोरमी निवासी सत्यवती कुर्रे ने अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। महिला के अनुसार, 21 सितंबर को अस्पताल में उसकी नॉर्मल डिलीवरी हुई थी, जबकि 7 अक्टूबर को जांच के दौरान उसके शरीर के अंदर कॉटन का टुकड़ा होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद कॉटन को निकाल दिया गया। मामले के सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

डिलीवरी के दौरान अधिक ब्लीडिंग होने पर लगाया गया था कॉटन

मिली जानकारी के अनुसार, सत्यवती कुर्रे की 21 सितंबर को लोरमी के 50 बिस्तर अस्पताल में सामान्य प्रसव हुआ था। प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव होने के कारण कॉटन का इस्तेमाल किया गया था। महिला ने आरोप लगाया है कि ड्रेसिंग के दौरान संबंधित स्टाफ नर्सों ने कॉटन को नहीं निकाला, जिसके कारण वह उसके शरीर के अंदर ही रह गया।

महिला को इसके बाद परेशानी होने लगी। जांच और सोनोग्राफी के बाद 7 अक्टूबर को उसे दोबारा अस्पताल लाया गया। आरोप है कि जांच के दौरान शरीर के अंदर कॉटन का टुकड़ा फंसा होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद उसे निकाल दिया गया।

मामले को किसी से साझा नहीं करने का भी आरोप

पीड़ित महिला ने ड्यूटी पर तैनात नर्स पर यह दबाव बनाने का आरोप भी लगाया है कि वह इस मामले की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दे। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित स्टाफ का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

बीएमओ ने जताई नाराजगी, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन

मामले को लेकर लोरमी के बीएमओ डॉ. जी.एस. दाऊ ने स्टाफ की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डिलीवरी कराने वाले संबंधित स्टाफ के खिलाफ जांच की जाएगी और लापरवाही की पुष्टि होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस घटना ने सरकारी अस्पताल में प्रसव के बाद मरीजों की देखभाल और ड्रेसिंग प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर 21 सितंबर को हुई डिलीवरी के बाद 7 अक्टूबर तक कॉटन का टुकड़ा शरीर के अंदर कैसे रह गया? ड्रेसिंग के दौरान इसकी जांच क्यों नहीं हुई? और क्या वास्तव में महिला पर मामले को छिपाने का दबाव बनाया गया?

इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। फिलहाल, मामले में अस्पताल प्रबंधन की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

लोकेशन: लोरमी, मुंगेली | रिपोर्टर: प्रीतम दिवाकर

नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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