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छत्तीसगढ़ कुरूद : भारत माला प्रोजेक्ट घोटाला में ईडी की छापामार कार्रवाई, 23.35 करोड़ की संपत्ति अटैच!

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Apr 28, 2026
06:37 AM
भारत माला प्रोजेक्ट घोटाला में ईडी की छापामार कार्रवाई, 23.35 करोड़ की संपत्ति अटैच!

रायपुर: छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने संयुक्त रूप से कई स्थानों पर छापेमारी कर इस मामले में जांच को तेज कर दिया। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कार्रवाई का फोकस उन लोगों पर रहा, जिन्हें पूर्व मंत्री Ajay Chandrakar का करीबी बताया जा रहा है 

कुरूद में सुबह-सुबह दी दबिश

मिली जानकारी के अनुसार, 27 अप्रैल की सुबह करीब दो वाहनों में सवार होकर जांच अधिकारियों की टीम कुरूद स्थित भूपेंद्र चंद्राकर के निवास पर पहुंची। भूपेंद्र चंद्राकर, पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के करीबी रिश्तेदार (भतीजे/चचेरे भाई) बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान घर के चारों ओर सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर घर के प्रवेश और निकास द्वारों को सील कर दिया है और किसी भी बाहरी व्यक्ति के आने-जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

जमीन अधिग्रहण में गड़बड़ी के आरोप

जांच एजेंसियों को मिली शिकायतों के अनुसार, कुछ प्रभावशाली लोगों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में अनियमितताएं कीं। आरोप है कि अभनपुर समेत कई तहसीलों में अपने करीबी लोगों को नियमों को दरकिनार कर करोड़ों रुपये का मुआवजा दिलाया गया। कई मामलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मुआवजा स्वीकृत कराने की भी बात सामने आई है रिपोर्ट्स के मुताबिक रायपुर जिले के अभनपुर क्षेत्र के कायाबांधा गांव में संदिग्ध तरीके से बड़े पैमाने पर मुआवजा वितरण हुआ है। इसके अलावा दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव के देवादा और मगरलोड क्षेत्र में भी इसी तरह की अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। अब जांच एजेंसियां इन सभी मामलों में वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही हैं। 

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल ED की जांच में सामने आया है कि रायपुर-विशाखापत्तनम नेशनल हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान एक बड़ी साजिश रची गई थी. इसमें जमीन दलालों, निजी व्यक्तियों और कुछ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत बताई जा रही है. आरोप है कि मुआवजे की रकम बढ़ाने के लिए जमीन से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर किया गया. इस साजिश के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया. ईडी ने यह जांच ACB/EOW में दर्ज एफआईआर के बाद शुरू की थी. इस केस में पहले ही विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. इसमें हरमीत सिंह खनुजा और 10 लोगों के नाम सामने आए थे. ED ने इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई. 

करोड़ों की संपत्ति पहले भी अटैच
बतादेंकि भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला में ईडी ने पिछले माह ही बड़ी कार्रवाई की थी. घोटाले में शामिल जमीन दलाल हरमीत सिंह खनूजा, खेमराज कोशले, पुनूराम देशलहरे और कुंदन बघेल की 23.35 करोड़ की संपत्ति को अटैच किया था. ईडी की शुरुआत जांच में खुलासा हुआ है कि इस पूरे घोटाले में करीब 27.05 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई है. जांच में अब तक 23.35 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का पता लगाया गया है. यह कार्रवाई PMLA 2002 की धारा 5 के तहत की गई है. फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और पूरे मामले पर सभी की नजर बनी हुई है.

नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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