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डिजिटल ठगों पर सीबीआई का करारा प्रहार! : 20 राज्यों में 89 ठिकानों पर एक साथ बोला धावा, बैंक खाते और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ तीन पकड़ाए

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Sep 04, 2026
10:58 AM
20 राज्यों में 89 ठिकानों पर एक साथ बोला धावा, बैंक खाते और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ तीन पकड़ाए

नई दिल्ली। देशभर में लोगों को पुलिस और सरकारी अधिकारी बनकर डराने-धमकाने वाले साइबर ठगों के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। ‘ऑपरेशन चक्र-छठा’ के तहत सीबीआई ने 20 राज्यों में एक साथ 89 ठिकानों पर तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान हरियाणा और कोलकाता से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में मंगाने, घुमाने और आगे भेजने में कथित भूमिका निभाने का आरोप है।

तीन मामलों में 42 करोड़ से ज्यादा की ठगी

सीबीआई ने तीन बड़े मामलों की जांच अपने हाथ में लेकर वित्तीय लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि ठगों ने पीड़ितों को लंबे समय तक ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ में रखने का भय दिखाकर करोड़ों रुपए ऐंठे।

पिलानी स्थित बिट्स संस्थान से जुड़े एक मामले में पीड़ित को करीब तीन महीने तक कथित तौर पर ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ में रखा गया और 7.67 करोड़ रुपए ठग लिए गए। गुजरात के मामले में इसी तरीके से 19.24 करोड़ रुपए, जबकि कर्नाटक में एक पीड़ित से 15.45 करोड़ रुपए की ठगी की गई।

बैंक खातों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तक खंगाले

तलाशी के दौरान बैंकिंग दस्तावेज, खातों से संबंधित अभिलेख, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई। सीबीआई अब इन साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच कर रही है, ताकि ठगी की रकम के पूरे रास्ते और गिरोह के असली संचालकों तक पहुंचा जा सके।

करोड़ों की रकम अपने खातों में मंगाने वाले भी फंसे

जांच के अनुसार हरियाणा निवासी आकाश के खाते में ठगी के 1.95 करोड़ रुपए पहुंचे थे। आरोप है कि उसने खाता खोलने के बाद उसी दिन रकम दूसरे खातों में भेज दी। कोलकाता निवासी राजा करमाकर की फर्म के खाते में कथित तौर पर 1.50 करोड़ रुपए आए। वहीं ज्योति रानी के खाते में पहुंची रकम का कुछ हिस्सा नकद निकाले जाने और बाकी दूसरे खातों में भेजे जाने की बात सामने आई है।

बड़े गिरोह की तलाश जारी

‘डिजिटल गिरफ्तारी’ के नाम पर ठग पुलिस अधिकारी, सरकारी कर्मचारी और अन्य कानून प्रवर्तन अधिकारियों का रूप धारण कर लोगों को भयभीत करते हैं और उनसे रकम स्थानांतरित करवाते हैं। सीबीआई अब इस पूरे संगठित गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके पीछे बैठे संचालकों की तलाश में जुटी है। एजेंसी ने साफ किया है कि साइबर ठगी के ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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