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सिवनी में सिस्टम बेपर्दा : उफनते नाले के भरोसे बच्चों की जिंदगी, हाथ पकड़कर स्कूल जाने को मजबूर छात्र

admin

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Aug 26, 2026
04:43 AM
उफनते नाले के भरोसे बच्चों की जिंदगी, हाथ पकड़कर स्कूल जाने को मजबूर छात्र

सिवनी। बारिश ने सिवनी के गुंगवारा में सरकारी दावों की पोल खोल दी है। लखनादौन ब्लॉक में स्कूली बच्चों को शिक्षा के लिए हर दिन जिंदगी से जंग लड़नी पड़ रही है। धौरीया और धाधर टोला के बीच उफनते नाले में तेज बहाव के बावजूद छात्र-छात्राएं हाथ पकड़कर पानी पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। छोटे बच्चों को परिजन कंधे और गोद में उठाकर ले जा रहे हैं। वायरल वीडियो ने सिस्टम की जमीनी हकीकत सामने ला दी है। सवाल सीधा है—जब बारिश में रास्ता जानलेवा हो जाता है, तो जिम्मेदार महकमा आखिर कब तक सिर्फ जांच और प्रस्तावों के भरोसे बैठा रहेगा?

वायरल वीडियो में कई छात्राएं एक-दूसरे का हाथ पकड़कर तेज बहाव वाले नाले को पार करती दिखाई दे रही हैं। वहीं छोटे बच्चों को उनके परिजन कंधे और गोद में उठाकर पानी पार करा रहे हैं। नाले में बहाव तेज होने के कारण जरा सी चूक बच्चों के लिए गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

चार महीने हर साल जान का जोखिम

ग्रामीणों के मुताबिक बारिश का मौसम शुरू होते ही करीब चार महीने तक यह रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता है। नाले में पानी बढ़ने के बाद स्कूली बच्चों के साथ गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को भी जरूरी काम के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। कई बार जलस्तर और बहाव इतना बढ़ जाता है कि गांव का संपर्क लगभग टूट जाता है।

ग्रामीण रामकुमार यादव ने बताया कि यह कोई नई समस्या नहीं है। पिछले कई वर्षों से बारिश के मौसम में ग्रामीण इसी परेशानी का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों की पढ़ाई से लेकर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों तक, हर काम इस नाले के कारण प्रभावित होता है।

पुल के अभाव में कब तक जोखिम उठाएंगे ग्रामीण?

मामले की जानकारी मिलने के बाद लखनादौन जनपद सीईओ निलेश बर्मन ने सहायक यंत्री के नेतृत्व में जांच दल को मौके पर भेजा है। उन्होंने बताया कि जांच दल की रिपोर्ट मिलने के बाद पुल निर्माण का प्रस्ताव जिला स्तर पर भेजा जाएगा। प्रारंभिक तौर पर यहां करीब 75 मीटर लंबे पुल की जरूरत बताई गई है। पुल का निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) अथवा संबंधित विभाग के माध्यम से कराया जा सकता है।

अब सवाल यह है कि जब हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, तो स्थायी समाधान कब होगा? ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जांच और प्रस्ताव की प्रक्रिया को जल्द पूरा कर पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाएगा। ताकि अगली बारिश में बच्चों को पढ़ने जाने के लिए जिंदगी दांव पर लगाकर उफनता नाला पार न करना पड़े।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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