मालवा के सपूतों ने दिया करारा जवाब : इंदौर में लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा से सीएम मोहन ने राहुल पर किया वार, कांग्रेस को भी घेरा

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ शक्ति प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री मनसु मंडाविया की अगुवाई में सुभाष नगर चैराहे से शुरू हुई भाजपा की पदयात्रा पाटनीपुरा चैराहे पर समाप्त हुई। इस यात्रा में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा के प्रदेश प्रभारी विप्लब देव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के अलावा डॉक्टर, वकील, व्यापारी, साधु-संत समेत विभिन्न समाज और संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। इनके हाथों में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ के नारे लिखी तख्तियां भी थी।
मालवा के सपूतों ने राहुल गांधी को दिया करारा जवाब
पदयात्रा के दौरान आयोजित सभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यकर्ताओं और उपस्थित जनसमूह को संविधान एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा का संकल्प दिलाया। सीएम ने कहा कि इंदौर की इस पावन धरती पर, मां अहिल्या की नगरी में, बाबा महाकाल और भगवान ओंकारेश्वर के आशीर्वाद से आज मालवा के सपूतों ने अपनी एकजुटता और जोश के साथ राहुल गांधी को करारा जवाब दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिस प्रकार दुनिया में भारत की शक्ति और सामर्थ्य का सम्मान हो रहा है, ऐसे समय में राहुल गांधी द्वारा लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना और देश में भ्रम एवं अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

युवाओं का जोश और जनता का आक्रोश दिल्ली तक पहुंचाना है
सीएम ने कहा कि आज हमारा उद्देश्य केवल भाषण देना नहीं है, बल्कि युवाओं के जोश, जनमानस के आक्रोश और देशभक्ति की हुंकार को दिल्ली तक पहुंचाना है। हमारी यह आवाज कांग्रेस मुख्यालय तक पहुंचनी चाहिए। इसी संकल्प के साथ पूरे मध्यप्रदेश में अलग-अलग अंचलों से इस जनजागरण की शुरुआत हुई है। आज मालवा की धरती से इसका शंखनाद हुआ है। आगामी 2 नवंबर को महाकौशल और 4 नवंबर को भोपाल में भी इसी तरह लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा के लिए जन-आवाज बुलंद की जाएगी।
निर्वाचन आयोग और सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाने की राजनीति पर घेरा
हमारा सवाल है कि जिन संस्थाओं के आधार पर देश का लोकतंत्र मजबूत होता है, जिनकी जिम्मेदारी निष्पक्ष चुनाव और संविधान के अधिकारों की रक्षा करना है, जैसे निर्वाचन आयोग और सर्वोच्च न्यायालय, उन पर लगातार सवाल खड़े करना आखिर किस राजनीति का हिस्सा है? देश की सेना के शौर्य और उसके सम्मान पर सवाल उठाना भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

देश की ताकत पर सवाल उठाना देशहित में नहीं
लोकतंत्र में सवाल पूछने का अधिकार सभी को है, लेकिन देश की संवैधानिक संस्थाओं, सेना और भारत की बढ़ती हुई ताकत पर बिना जिम्मेदारी के सवाल उठाना देशहित में नहीं हो सकता। आज कांग्रेस के नेताओं को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर वे किस दिशा में देश की राजनीति को ले जा रहे हैं। एक ओर पूरी दुनिया भारत की बढ़ती ताकत का लोहा मान रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के नेता देश की उपलब्धियों को स्वीकार करने के बजाय उन पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
विजयवर्गीय बोले- राष्ट्रभक्तों की रैली, अराजकता के नैरेटिव को जवाब
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पदयात्रा को राष्ट्रभक्तों की रैली करार दिया। उन्होंने कहा कि इंदौर में बड़ी संख्या में जुटे युवाओं ने लोकतंत्र, विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया है। विजयवर्गीय ने दावा किया कि यह पदयात्रा देश में अराजकता का नैरेटिव गढ़ने वालों के लिए करारा जवाब है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
