CS की हाईलेवल मीटिंग में दिखी गर्माहट : अनुराग जैन बोले- चीफ कम्प्लेंट ऑफिसर बन गया हूं

भोपाल। मंत्रालय में बुधवार को राजस्व विभाग के बीच लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद को लेकर सीनियर अधिकारियों की बैठक आहूत की गई। मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में करीब 80 सीनियर अधिकारी मौजूद थे प्रारंभिक दौर में विभागीय योजनाओं और हितग्राही केंद्रित कार्यक्रमो की समीझा हुई। खास बात यह रही की बैठक के आखिरी दौर में आईएएस अफसरों के बीच गर्माहट भी देखने को मिली।
दरअसल पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की एसीएस दीपाली रस्तोगी ने कहा कि बैठक में जो चर्चा हो रही है, वह जमीनी हकीकत से बिल्कुल अलग है। इस पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी सिस्टम की स्थिति को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे इस समय “चीफ कम्प्लेंट ऑफिसर” बन गए हैं, क्योंकि हर तरह की शिकायत और विवाद उनके पास ही पहुंच रहा है।
बैठक में उद्योगों को जमीन आवंटन का उठा था मुद्दा
बताया जा रहा है कि बैठक में उद्योगों को जमीन आवंटन के बाद भी निर्माण के समय वन विभाग की आपत्तियों से काम अटक जाने का मुद्दा उठा था। इस पर मुख्य सचिव अनुराग जैन ने माना कि विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इस दौरान बड़े अफसरों ने दलीलें देनी शुरू की। चायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की एसीएस दीपाली रस्तोगी ने कहा कि यहां जो भी चर्चाएं हो रही हैं, वह जमीनी स्तर की हकीकत से बिल्कुल अलग है। इसी पर सामान्य प्रशासन विभाग के एसीएस संजय शुक्ल ने कहा कि मध्य प्रदेश के कई गांवों में अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह जमीन वन विभाग की है या राजस्व की। यही कारण है कि लगातार उन जगहों पर विवाद की स्थिति बनती है।
वन विभाग के पूर्व एसीएस ने कही यह बात
इसके बाद एसीएस दीपाली रस्तोगी ने फिर से कहा कि - अलग-अलग चीजें होने की वजह से समस्या ज्यादा जटिल हो रही है।इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल पा रहा है। इन चर्चाओं के बीच वन विभाग के पूर्व एसीएस अशोक बर्णवाल ने कहा कि मैंने वहां रहते हुए खुद मैप बनवाए हैं। मैं एक हजार गांवों के बारे में बता सकता हूं कि वहां कोई विवाद जमीन को लेकर नहीं है।
सीएस ने दिए सख्त निर्देश
इसके बाद अफसरों की मीटिंग में थोड़ी तल्खी और आ गई। वहीं, सभी सुनने के बाद मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि 15 अप्रैल तक सभी विभाग 2026-27 के लिए एक्शन प्लान देंगे। साथ ही सीएम हेल्प लाइन पर आ रहीं शिकायतों और लोक सेवा गारंटी से जुड़े काम समय सीमा के अंदर हो। साथ ही इसकी हर सप्ताह समीक्षा की जाए। पेयजल और हैंडपंप को लेकर 2 दिनों के अंदर SOP जारी करें।
आगजानी रोकने की भी व्यवस्था हो। साथ ही बैठक में ये भी कहा गया है कि थाना स्तर पर उपलब्ध संसाधनों की जानकारी एकत्र करने और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाए। इसके साथ ही एमपी ई-सेवा पोर्टल को और सरल बनाने, कैबिनेट निर्णयों के पालन और न्यायालयीन मामलों में संवेदनशीलता बरतने के निर्देश भी दिए गए।
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