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आगरा मे मेडिकल छात्रा की मौत से हड़कंप : हॉस्टल के कमरे मे मिला शव

आलोक त्रिपाठी

आलोक त्रिपाठी

Apr 28, 2026
07:44 AM
हॉस्टल के कमरे मे मिला शव

आगरा | उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के हॉस्टल में एमडी की पढ़ाई कर रही एक छात्रा का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान लखनऊ निवासी डॉ. वर्तिका सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने नींद की गोलियों का अधिक मात्रा में सेवन किया, हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।

जानकारी के अनुसार, डॉ. वर्तिका सिंह ने इसी वर्ष 22 फरवरी को संस्थान में एमडी कोर्स में प्रवेश लिया था और परिसर के हॉस्टल के प्रथम तल पर रह रही थीं। रविवार को सुबह करीब 11 बजे उनकी मां ने उन्हें कई बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। परिजनों की चिंता बढ़ने पर जब छात्रा के कमरे की जांच की गई, तो वह अचेत अवस्था में मिलीं। सूचना मिलते ही संस्थान प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस ने छात्रा को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

पुराने विवाद से जुड़ रहा मामला

इस घटना ने एक पुराने विवाद को भी फिर से चर्चा में ला दिया है। दरअसल, डॉ. वर्तिका सिंह ने फरवरी माह में संस्थान के एक सीनियर रेजीडेंट पर मानसिक उत्पीड़न और परेशान करने का आरोप लगाया था। इस शिकायत के बाद संस्थान की प्रबंधन समिति द्वारा जांच कराई गई थी, लेकिन जांच में संबंधित सीनियर रेजीडेंट को क्लीन चिट दे दी गई थी।

सूत्रों के अनुसार, इस घटनाक्रम के बाद से छात्रा मानसिक तनाव में थीं। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या छात्रा पर किसी तरह का दबाव या मानसिक तनाव था, जिसने इस घटना को जन्म दिया।

जांच में जुटी पुलिस, हर एंगल पर नजर

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और कमरे का निरीक्षण किया। पुलिस ने कमरे से कुछ दवाइयां भी बरामद की हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इसके अलावा छात्रा का मोबाइल फोन और अन्य सामान भी जांच के दायरे में लिया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है—चाहे वह व्यक्तिगत कारण हों, पढ़ाई का दबाव या फिर पूर्व में लगाए गए आरोपों से जुड़ा कोई पहलू। परिजनों और संस्थान के स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है।

मानसिक स्वास्थ्य पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने मेडिकल छात्रों के बीच बढ़ते मानसिक दबाव और तनाव के मुद्दे को एक बार फिर सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कठिन पढ़ाई, लंबी ड्यूटी और व्यक्तिगत परिस्थितियां कई बार छात्रों पर गहरा मानसिक प्रभाव डालती हैं। ऐसे में संस्थानों में काउंसलिंग और सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है। मामले की सच्चाई सामने आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा

आलोक त्रिपाठी
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आलोक त्रिपाठी

खबरों की खोज जारी है। ग्राउंड रिपोर्टिंग में दिलचस्पी। मध्य प्रदेश की खबरनवीसी का खास शौक।

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