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MP में ऐसा होगा UCC कानून : एक जैसे होंगे शादी, तलाक, लिव-इन और उत्तराधिकार के नियम, कानून की सीमाएं तय, दो महीने में आएगा कानून का ड्राफ्ट

नीरज द्विवेदी

नीरज द्विवेदी

Apr 28, 2026
08:01 AM
एक जैसे होंगे शादी, तलाक, लिव-इन और उत्तराधिकार के नियम, कानून की सीमाएं तय, दो महीने में आएगा कानून का ड्राफ्ट

भोपाल (ब्यूरो डेस्क)। मध्य प्रदेश सरकार ने तय कर लिया है कि समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) के अंतर्गत किन प्रावधानों को लिया जाएगा। सरकार ने UCC  कानून का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए जो कमेटी बनाई है। उसे सामाजिक प्रावधान तय कर दिए हैं, यानी कानून इन्हीं सीमाओं के अंदर बनेगा। यह कमेटी विवाह, तलाक, भरण पोषण, उत्तराधिकार समेत अन्य संबंधित विषयों के आधार पर समाज के सभी धर्म और वर्गों के लिए एक रूप कानून बनाएगी। फिलहाल विवाह और तलाक के लिए मुस्लिम धर्म में अलग प्रावधान मौजूद हैं। UCC  लागू होने के बाद सबके लिए समान कानून लागू किया जा सकेगा। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस श्रीमती रंजना प्रसाद देसाई की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह कमेटी दो महीने में ड्राफ्ट तैयार करेगी।

विधि-विधायी विभाग ने गठित की कमेटी

प्रदेश के विधि विधायी विभाग ने सोमवार 27 अप्रेल को रात 10.37 बजे आदेश जारी करके यह कमेटी गठित कर दी है। इसमें जस्टिस श्रीमती देसाई के अलावा 5 सदस्य बनाए गए हैं। सभी सदस्य अलग-अलग क्षेत्र के एक्सपर्ट हैं। रिटायर्ड आईएएस शत्रुघ्न सिंह, कानूनविद अनूप नायर, शिक्षाविद् गोपाल शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता बुधपाल सिंह और सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव आईएएस अजय कटसरिया को समिति का सचिव बनाया गया है।

तलाक, विवाह, विरासत, लिव-इन पर बनेगा कानून

समिति को समाज में प्रचलित अलग-अलग प्रावधानों का अध्ययन क्षेत्र सौंपा गया है। इसमें सभी समाजों में प्रचलित विवाह रीतियां, तलाक के प्रावधान, भरण-पोषण संबंधी प्रावधान, उत्तराधिकार या विरासत सौंपने का प्रावधान समेत दत्तक व्यवस्था, लिव-इन संबंधी व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जाएगा। समिति मध्य प्रदेश के अलग-अलग सामाजिक और धार्मिक परिवारों में प्रचलित प्रावधान और व्यवस्थाओं का अध्ययन करने के साथ ही गुजरात और उत्तराखंड में अपनाए गए मॉडल का भी परीक्षण करेगी। समिति को अन्य बिंदुओं, सामाजिक प्रावधानों या सामाजिक प्रचलनों का अध्ययन करने की स्वतंत्रता दी गई है।

60 दिन में तैयार होगा UCC बिल का ड्राफ्ट

सरकार ने समिति को सभी सामाजिक प्रावधानों का अध्ययन, परीक्षण करके ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 60 दिन यानी दो महीने का वक्त दिया है। यानी 27 जून 2026 तक समिति को मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए कानून बनाने का ड्राफ्ट सरकार को सौंपना होगा। समिति इसके लिए जनसुनवाई और परामर्श बैठकें भी आयोजित करेगी। साथ ही जन सामान्य, सामाजिक-धार्मिक संगठन, विधि विशेषज्ञों, अकादमिक विशेषज्ञों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित करके उनका परीक्षण भी करेगी।

UCC से जुड़ी हर खबर पर है TV27 News की पैनी नजर

TV27 News DIGITAL ने 9 अप्रेल को ही संकेत दिए थे कि मोहन सरकार मध्य प्रदेश में UCC लागू करने को लेकर सक्रिय हो गई है। सीएम डॉ.मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में अनौपचारिक चर्चा के दौरान मंत्रीमंडल सहयोगियों को इस बात के संकेत दिए थे। इसके बाद मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता सुर्खियां बन गई हैं। अब तक देश के उत्तराखंड और गुजरात में समान नागरिक संहिता लागू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसमें और तेजी दिखाते हुए अब कमेटी गठित कर दो महीने में कानून का ड्राफ्ट तैयार करने जा रहे हैं।

नीरज द्विवेदी
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नीरज द्विवेदी

5 साल से ज्यादा का पत्रकारिता अनुभव। टीवी और प्रिंट मीडिया में कलमकारी की है। पॉलिटिकल और पब्लिक कनेक्ट की खबरों में दिलचल्पी। TV27NEWS DIGITAL में एंकरिंग भी कर रहे हैं।

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