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46 दिन बाद भी नहीं मिलीं किताबें : कांकेर के सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित

आलोक त्रिपाठी

आलोक त्रिपाठी

Aug 01, 2026
04:55 AM
कांकेर के सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित

कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नया शैक्षणिक सत्र 16 जून से शुरू हो चुका है, लेकिन करीब 46 दिन बीत जाने के बाद भी जिले के सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों के हजारों विद्यार्थियों तक नई पाठ्यपुस्तकें नहीं पहुंच सकी हैं। किताबों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शिक्षक भी पाठ्यक्रम को तय समय पर पूरा करने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं।

28 सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में एक जैसी स्थिति

टीवी 27 न्यूज़ की पड़ताल में सामने आया कि पीएम श्री स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल, चारामा सहित जिले के सभी 28 सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में विद्यार्थियों को पूरी तरह किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। कई छात्रों के पास अब भी नई पुस्तकें नहीं हैं, जिससे नियमित पढ़ाई बाधित हो रही है।

पुरानी किताबों और फोटो कॉपी के सहारे पढ़ाई

पाठ्यपुस्तकों की अनुपलब्धता के चलते कई विद्यार्थी पुराने सत्र की किताबों से पढ़ाई कर रहे हैं। कुछ छात्र एक ही किताब साझा कर रहे हैं, जबकि कई जगह फोटो कॉपी के जरिए पढ़ाई कराई जा रही है। इससे न केवल बच्चों की सीखने की गति प्रभावित हो रही है, बल्कि शिक्षकों के सामने भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की चुनौती खड़ी हो गई है।

सरकारी दावों पर उठ रहे सवाल

राज्य सरकार लगातार आधुनिक शिक्षा, स्मार्ट क्लास और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की बात करती है, लेकिन समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं होना इन दावों पर सवाल खड़े कर रहा है। शिक्षा के सबसे बुनियादी संसाधन की आपूर्ति में हुई देरी ने प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

जिम्मेदारी तय करने और जल्द समाधान की मांग

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि किताबों की आपूर्ति में देरी की जिम्मेदारी किसकी है और जिन विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई है, उसकी भरपाई कैसे होगी। अभिभावकों और शिक्षकों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द सभी छात्रों तक पाठ्यपुस्तकें पहुंचाए, ताकि उनकी पढ़ाई और भविष्य पर इसका असर न पड़े।

आलोक त्रिपाठी
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आलोक त्रिपाठी

खबरों की खोज जारी है। ग्राउंड रिपोर्टिंग में दिलचस्पी। मध्य प्रदेश की खबरनवीसी का खास शौक।

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