कमलनाथ सरकार के पतन पर फिर संग्राम : दिग्गी के बयान पर सज्जन सिंह वर्मा ने किया सीधा वार, भाजपा विधायक ने भी दी तीखी प्रतिक्रिया

भोपाल। वर्ष 2020 में कमलनाथ सरकार का पतन किस वजह से हुआ। इसको लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। इस विवाद को हवा भी दी है कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने। उन्होंने पदयात्रा शुरू से करने से पहले एक बातचीत में सरकार के पतन के लिए कमलनाथ को जिम्मेदार ठहराया था। दिग्गी के इस बयान पर कांग्रेस के ही नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने जोरदार पलटवार किया है। कांग्रेस के इस झगड़े पर भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
सज्जन सिंह वर्मा ने तीखा तंज कसते हुए कहा- “प्रदेश का बच्चा-बच्चा जानता है कि जब कमलनाथ जी की सरकार थी, तब दिग्विजय सिंह जी उनके सिर पर सवार रहते थे।” सरकार के हर फैसले और हर निर्णय में दिग्विजय सिंह की बराबर की भूमिका और दखलअंदाजी होती थी। वर्मा ने दो टूक कहा कि “जितने दोषी कमलनाथ हैं, उतने ही दोषी दिग्विजय सिंह भी हैं।” ऐसे में एक-दूसरे पर दोषारोपण करना पार्टी हित में नहीं है।
नाथ सरकार गिरने में दिग्गी की थी भूमिकाः रामेश्वर शर्मा
कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा के बयान पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने दावा किया कि कमलनाथ सरकार गिरने के पीछे दिग्विजय सिंह की भूमिका थी। शर्मा ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि अगर पार्टी के नेता सरकार गिरने की असली वजह जानना चाहते हैं, तो भाजपा एक कमेटी गठित कर दे, जिसके सामने पूरी बात रखी जा सकती है।
नाथ-दिग्गी के कारण जनता हुई परेशान
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी के कारण प्रदेश की जनता को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान के चलते सरकार का टिकना मुश्किल हो गया था।
दिग्विजय सिंह पर साधा निशाना
शर्मा ने वर्तमान नेता प्रतिपक्ष के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह को लेकर कांग्रेस के नेताओं के विचार किसी से छिपे नहीं हैं। उन्होंने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि वह वर्तमान में राजनीतिक वनवास पर हैं और इसी वजह से ऐसे बयान देते हैं, जिससे कांग्रेस के भीतर उथल-पुथल बनी रहे।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
