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चांद से वापसी : 50 साल बाद मानव मिशन की ऐतिहासिक कामयाबी, सुरक्षित धरती पर लौटे यात्री

admin

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Apr 11, 2026
02:12 AM
50 साल बाद मानव मिशन की ऐतिहासिक कामयाबी, सुरक्षित धरती पर लौटे यात्री

नासा के आर्टेमिस II मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्री 10 दिनों की ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए। उनका ओरियन कैप्सूल “इंटीग्रिटी” प्रशांत महासागर में दक्षिणी कैलिफोर्निया तट के पास सफलतापूर्वक स्प्लैशडाउन हुआ। यह मिशन न सिर्फ तकनीकी रूप से सफल रहा, बल्कि मानव अंतरिक्ष अन्वेषण के नए युग की शुरुआत भी माना जा रहा है। करीब 11.16 लाख किलोमीटर की यात्रा तय करते हुए यह दल चंद्रमा के बेहद करीब तक पहुंचा।

क्यों खास है आर्टेमिस II मिशन?

आर्टेमिस II नासा का पहला क्रूड (मानव सहित) टेस्ट फ्लाइट था। 1 अप्रैल को फ्लोरिडा के केप कैनवरल से लॉन्च हुए इस मिशन ने पृथ्वी की दो कक्षाओं का चक्कर लगाने के बाद चंद्रमा की परिक्रमा की। खास बात यह रही कि यह दल चंद्रमा के ‘फार साइड’ यानी दूर वाले हिस्से तक गया, जहां से पृथ्वी की दूरी 4 लाख किलोमीटर से भी ज्यादा हो गई। यह दूरी अपोलो 13 के पुराने रिकॉर्ड से अधिक है।

यह मिशन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि इसमें पहली बार एक महिला, एक अश्वेत अंतरिक्ष यात्री और एक गैर-अमेरिकी नागरिक शामिल थे। यह विविधता अंतरिक्ष कार्यक्रमों में नए बदलाव का संकेत देती है।

NASA Artemis 2 Splashdown

री-एंट्री का खतरनाक चरण

धरती के वायुमंडल में प्रवेश के दौरान कैप्सूल की गति लगभग 39,000 किमी/घंटा थी। इस दौरान घर्षण के कारण तापमान 2760 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कैप्सूल के चारों ओर प्लाज्मा की परत बनने से लगभग 6 मिनट तक संपर्क टूट गया, जिसे ‘ब्लैकआउट पीरियड’ कहा जाता है। यह 13 मिनट का सबसे चुनौतीपूर्ण चरण था।

सुरक्षित लैंडिंग और रेस्क्यू ऑपरेशन

जैसे ही प्लाज्मा परत खत्म हुई, पैराशूट खुले और कैप्सूल की गति घटकर 24 किमी/घंटा रह गई। इसके बाद यह धीरे-धीरे समुद्र में उतरा। नासा और अमेरिकी नौसेना की टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कैप्सूल को सुरक्षित किया और करीब एक घंटे में अंतरिक्ष यात्रियों को बाहर निकाल लिया। उन्हें हेलीकॉप्टर के जरिए रिकवरी शिप तक पहुंचाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण किया गया।

भविष्य की ओर एक बड़ा कदम

आर्टेमिस II मिशन, नासा के उस बड़े लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत 2028 तक इंसानों को चंद्रमा पर उतारने और वहां लंबे समय तक रहने की योजना है। यही नहीं, यह मिशन भविष्य में मंगल ग्रह की यात्रा के लिए भी आधार तैयार करेगा।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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