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होर्मुज संकट : बारूदी सुरंगों में उलझा ईरान, वैश्विक तेल आपूर्ति पर मंडराया खतरा, शांति वार्ता पर भी पड़ा असर

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Apr 11, 2026
05:45 AM
बारूदी सुरंगों में उलझा ईरान, वैश्विक तेल आपूर्ति पर मंडराया खतरा, शांति वार्ता पर भी पड़ा असर

नई दिल्ली। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ा तनाव अब एक नई जटिल स्थिति में पहुंच गया है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में जो समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाई थीं, अब वह खुद ही उन्हें खोजने और हटाने में असमर्थ है। यही कारण है कि वह इस रास्ते को पूरी तरह सुरक्षित और चालू नहीं कर पा रहा है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में अस्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ रहा है। हाल के हफ्तों में तेल की कीमतों में उछाल इसी का संकेत है।

सुरंगों के सटीक रिकाॅर्ड मौजूद नहीं

अमेरिका चाहता है कि इस जलमार्ग से जहाजों का आवागमन जल्द से जल्द सामान्य हो, लेकिन ईरान तकनीकी सीमाओं का हवाला दे रहा है। अमेरिकी पक्ष का मानना है कि ये “तकनीकी सीमाएं” दरअसल बिखरी हुई और अनियंत्रित तरीके से बिछाई गई बारूदी सुरंगों के कोई सटीक रिकॉर्ड भी मौजूद नहीं है।

छोटी नौकाओं के जरिए बिछाया गया था सुरंगों को

जानकारी के मुताबिक, ईरान ने इन सुरंगों को छोटे नौकाओं के जरिए जल्दबाजी में बिछाया था। कई सुरंगें समुद्री धाराओं के कारण अपनी जगह से हट चुकी हैं, जबकि कुछ का रिकॉर्ड ही नहीं रखा गया। ऐसे में अब उन्हें ढूंढना और निष्क्रिय करना बेहद मुश्किल हो गया है।

शांति वार्ता पर भी पड़ रहा असर

इस स्थिति का असर शांति वार्ता पर भी पड़ रहा है। इस्लामाबाद में चल रही बातचीत में यह मुद्दा सबसे बड़ी बाधा बनकर उभरा है। अमेरिका चाहता है कि सुरक्षित समुद्री मार्ग तुरंत खोले जाएं, जबकि ईरान धीरे-धीरे और सीमित क्षमता के साथ ऐसा करने की बात कर रहा है।

तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है गंभीर असर

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि जहाज अब भी खतरे में हैं। हालांकि कुछ सुरक्षित रास्ते सुझाए गए हैं, लेकिन वे बेहद सीमित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री सुरंगों को हटाना उन्हें बिछाने से कहीं ज्यादा जटिल और समय लेने वाला काम है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो न सिर्फ क्षेत्रीय तनाव बढ़ेगा बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार भी गंभीर संकट में आ सकता है।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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