रविवार, 3 मई 202601:32:06 PM
Download App
Home/देश

आज विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस : जनचेतना जगाने वाला प्रहरी, सत्ता पर निगरानी रखने वाला प्रहरी और समाज का सशक्त दर्पण बन गया

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

May 03, 2026
08:28 AM
जनचेतना जगाने वाला प्रहरी, सत्ता पर निगरानी रखने वाला प्रहरी और समाज का सशक्त दर्पण बन गया

मानव सभ्यता के विकास के साथ जब विचारों ने शब्दों का रूप लिया और शब्दों ने समाज की दिशा तय करनी शुरू की...तभी अभिव्यक्ति और पत्रकारिता की नींव पड़ी... आधुनिक लोकतंत्र में प्रेस केवल सूचना देने का माध्यम नहीं... बल्कि जनचेतना जगाने वाला प्रहरी, सत्ता पर निगरानी रखने वाला प्रहरी और समाज का सशक्त दर्पण बन गया...

इसी भूमिका के सम्मान में हर वर्ष 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है... संयुक्त राष्ट्र और यूनेस्को के तत्वावधान में मनाया जाने वाला यह दिवस प्रेस की आजादी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का वैश्विक संकल्प है...

स्वतंत्र प्रेस ही लोकतंत्र की आत्मा है... क्योंकि जहां मीडिया स्वतंत्र होती है... वहां जनता जागरूक होती है... और जहां जनता जागरूक होती है... वहां तानाशाही की गुंजाइश कम हो जाती है...

लेकिन आज प्रेस की स्वतंत्रता कई चुनौतियों से घिरी है... राजनीतिक दबाव, सेंसरशिप, फेक न्यूज और पत्रकारों की सुरक्षा पर बढ़ते खतरे... कई देशों में सच दिखाने की कीमत पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर चुका रहे हैं...

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस हमें याद दिलाता है कि कलम की आजादी सिर्फ पत्रकारों का अधिकार नहीं... बल्कि हर नागरिक के लोकतांत्रिक भविष्य की सबसे मजबूत गारंटी है

इस विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की पुष्टि करने और पत्रकारिता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित प्रौद्योगिकी तथा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को भविष्य के लिए सूचना व्‍यवस्‍था मजबूत करने के व्यावहारिक तरीकों के लिए एकजुट करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

इस वर्ष का विषय – शांतिपूर्ण भविष्य का निर्माण है।

 

फेक न्यूज़ और डिजिटल युग

 सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्मों के विस्तार ने सूचना के प्रसार को तीव्र तो किया है, लेकिन इसके साथ ही भ्रामक और झूठी सूचनाओं का प्रसार भी तेजी से बढ़ा है, जिससे जनविश्वास और पत्रकारिता की विश्वसनीयता दोनों प्रभावित होते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): एआई आधारित सामग्री निर्माण और स्वचालित रिपोर्टिंग ने पत्रकारिता में नई संभावनाएं तो उत्पन्न की हैं, लेकिन साथ ही सत्यता, मौलिकता और नैतिकता से जुड़े गंभीर प्रश्न भी खड़े कर दिए हैं, जो भविष्य की पत्रकारिता के लिए नई चुनौती बनकर उभरे हैं

नीलम अहिरवार
Written By

नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

आपको यह खबर कैसी लगी? शेयर करें

अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें