श्रीकृष्ण के जीवन से सीखें कर्म और धर्म का संदेश : सीएम मोहन ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, भोपाल मास्टर प्लान को लेकर भी दिया बड़ा बयान

भोपाल। देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उल्लास चरम पर है। देश से लेकर विदेश तक के करोड़ों श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में लीन दिखाई दे रहे हैं। इस पावन पर्व के मौके पर मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी है। साथ ही भगवान कृष्ण के जीवन और उनके कर्मों से प्ररेणा लेने का आह्वान किया। सीएम हाउस में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी धर्म, कर्तव्य और कर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की सीख देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन में सभी कष्टों को धारण करते हुए समाज को जीने की राह दिखाई। हमारा देश भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम के नाम से जाना जाता है। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की और यहीं श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता भी हुई। आचार्य ऋषि सांदीपनि ने उन्हें 64 कलाएं और 14 विद्याएं सिखाईं।
वाराणसी में था आचार्य सांदीपनि का पहला गुरुकुल
मुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्य सांदीपनि का पहला गुरुकुल वाराणसी में था, जिसके बाद उन्होंने उज्जैन में आश्रम स्थापित किया। शिक्षा प्राप्त करने के बाद श्रीकृष्ण जानापाव पहुंचे, जहां भगवान परशुराम का निवास था। मान्यता है कि यहीं उन्हें सुदर्शन चक्र मिला और आगे बढ़ने पर पाञ्चजन्य शंख प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर मध्यप्रदेश में विभिन्न स्थानों पर भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे हैं। प्रदेशभर में श्रद्धालु उत्साह के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जनापाव में विशेष कार्यक्रम के तहत भूमिपूजन भी किया जाएगा।
श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों का होगा विकास
सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश में जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुईं, उन सभी स्थानों को विकसित कर उनकी स्मृतियों को जीवंत किया जाएगा। जानापाव में परशुराम-श्रीकृष्ण लोक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब समाज त्योहार मनाता है तो सरकार केवल छुट्टी घोषित करके अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं कर सकती। सरकार भी समाज के साथ मिलकर त्योहार मनाती है और हमारी संस्कृति व परंपराओं को आगे बढ़ाने का काम करती है।
भोपाल के मास्टर प्लान पर सरकार की नजर
वहीं भोपाल के मास्टर प्लान और उससे जुड़ी मौजूदा परिस्थितियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार भोपाल की कठिनाइयों और स्थानीय परिस्थितियों को सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रभावी ढंग से रख रही है। सरकार का प्रयास है कि न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप शहर के हित में बेहतर समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए शासन और प्रशासन के स्तर पर सभी संबंधित पक्षों से चर्चा की जाएगी। जो भी बेहतर रास्ता सामने आएगा, सरकार उस दिशा में आगे बढ़ेगी।
‘सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से रखेंगे अपना पक्ष’
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भोपाल से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पर सरकार अपना पक्ष सुप्रीम कोर्ट में बेहतर से बेहतर तरीके से रखेगी। उन्होंने कहा कि सरकार शहर की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर आगे होने वाली सुनवाई और सरकार की आगामी रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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