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नेपाल प्रलंयकारी तबाही : त्रिशूली सुरंग में लौटी जिदंगी की उम्मीद, नौ दिन बाद 2 कर्मचारी निकले जिंदा, रेस्क्यू आॅपरेशन हुआ तेज

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Sep 04, 2026
06:19 AM
त्रिशूली सुरंग में लौटी जिदंगी की उम्मीद, नौ दिन बाद 2 कर्मचारी निकले जिंदा, रेस्क्यू आॅपरेशन हुआ तेज

काठमांडू। नेपाल में 10 दिन पहले यानि 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने प्रलयंकारी तबाही मचाई है। अब तक जहां सैकड़ों लोगों को की मौत हो चुकी है। वहीं हजारों अब भी लापता है, जिनकी तलाश में युद्धस्तर पर अभियान जारी है। राहत और बचाव अभियान के बीच बड़ी राहत की उम्मीद सामने आई है। त्रिशूली-3ए हाइड्रोपावर परियोजना की सुरंग में फंसे दो कर्मचारियों को शुक्रवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। है। दोनों मजदूरों को 10 दिन तक अंधेरे और मुश्किल हालात में जिंदगी की जंग लड़ने के बाद शुक्रवार को उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।

मजदूरों की पहचान 45 वर्षीय कबीर महारजन और 30 वर्षीय संजय साह के रूप में हुई है। महारजन परियोजना में मैकेनिकल सुपरवाइजर और साह फोरमैन के तौर पर काम कर रहे थे। दोनों के जिंदा मिलने से बचाव दल के साथ-साथ उनके परिवारों में भी राहत की लहर दौड़ गई। बचाव अभियान दल ने सबसे पहले संजय साह को सुरंग से बाहर निकाला। इसके कुछ समय बाद कबीर महार्जन को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

सुरंग के भीतर से आई आवाज, फिर शुरू हुआ जिंदगी बचाने का अभियान

बताया गया कि रेस्क्यू टीम को सुरंग के भीतर से इंसानी आवाजें सुनाई दी थीं। इसके बाद बचावकर्मियों ने अंदर फंसे लोगों से संपर्क करने की कोशिश की। टीम ने आवाज लगाकर कहा, “घबराएं नहीं, हम आपको बचाने आए हैं।” जवाब में सुरंग के भीतर से आवाज सुनाई दी। इसके बाद बचाव अभियान को और तेज कर दिया गया।

नेपाल के सांसद राम नेउपाने के मुताबिक, नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमों ने अभियान तेज करते हुए सुरंग के अंदर मौजूद लोगों से संपर्क स्थापित किया। बचाव दल को आशंका है कि अभी कुछ और लोग सुरंग के भीतर फंसे हो सकते हैं। ऐसे में तलाशी और बचाव अभियान लगातार जारी है।

900 से ज्यादा कर्मचारी अब भी लापता

26 अगस्त की फ्लैश फ्लड ने त्रिशूली नदी के पूरे कॉरिडोर में भारी तबाही मचाई थी। बाढ़ के कारण कई जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुईं और प्रमुख सड़क संपर्क भी टूट गए। रिपोर्टों के अनुसार, 12 हाइड्रोपावर परियोजनाओं से जुड़े 900 से ज्यादा कर्मचारी लापता बताए गए हैं।

रसुवा और नुवाकोट के प्रभावित इलाकों में करीब 500 कर्मचारियों के सुरंगों और भूमिगत हिस्सों में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बाढ़ के दौरान कुछ कर्मचारियों ने सुरंगों के भीतर से मदद के लिए आवाज भी लगाई थी। बाहर निकलने में सफल कर्मचारियों ने भी अपने कई साथियों के अंदर फंसे होने की जानकारी दी थी।

ऑक्सीजन की कमी ने बढ़ाई चिंता

रेस्क्यू ऑपरेशन के लंबा खिंचने से सुरंगों के अंदर ऑक्सीजन का स्तर बचाव टीमों के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। हालांकि दो कर्मचारियों के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद अब अन्य लोगों के जिंदा मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई है। सेना और सशस्त्र पुलिस की टीमें सुरंगों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। अंदर से आने वाली हर आवाज अब बचाव दल और पीड़ित परिवारों के लिए जिंदगी की एक नई उम्मीद बन गई है।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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